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रैपिड प्रोजेक्ट पकड़ेगा रफ्तार, बजट में 238 करोड़ की वृद्धि

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रैपिड प्रोजेक्ट पकड़ेगा रफ्तार, बजट में 238 करोड़ की वृद्धि
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गाजियाबाद। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य अब और रफ्तार पकड़ेगा। बजट में आरआरटीएस परियोजना के लिए 4710 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जो कि बीते साल के बजट के मुकाबले 238 करोड़ ज्यादा है। पिछले वित्तीय वर्ष में एनसीआरटरीसी को 4472 करोड़ आवंटित किए गए थे। ऐसे में आने वाले दिनों में 82 किलो लंबे रैपिड कॉरिडोर के साहिबाबाद से दुहाई तक प्राथमिकता खंड और बाकी दोनों भागों में फंड काम में कोई बाधा नहीं बनेगा। बजट में बुनियादी ढांचे और त्वरित परिवहन पर जोर दिया गया है। ऐसे में दिल्ली देहरादून ग्रीन एक्सप्रेस-वे का काम और तेजी से चलने के साथ रोपवे प्रोजेक्ट में केंद्रीय अंशदान का रास्ता जल्द साफ हो सकता है।
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मार्च 2023 में गाजियाबाद में दौड़ेगी रैपिड, 80 फीसदी निर्माण संबंधी काम पूरा:
रैपिड रेल कॉरिडोर में सबसे पहले 17 किमी लंबे साहिबाबाद से दुहाई प्राथमिकता वाले खंड में रैपिड रेल दौड़ेगी। पहले खंड में निर्माण संबंधी 80 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। दूसरी ओर दिल्ली से साहिबाबाद और दुहाई से मेरठ तक के दोनों खंडों पर रैपिड संचालन की फिलहाल 2025 तक की समयसीमा तय की गई है। लेकिन देश की पहली रीजनल रेल के बजट में लगातार हो रही वृद्धि को देखें तो सरकार के प्रयास प्रोजेक्ट को 2024 में आम चुनाव से पहले पूरा करने पर है। प्रोजेक्ट के एलिवेटेड के साथ अब भूमिगत खंड पर दिनरात तेज गति से निर्माण कार्य जारी हैं। अधिक फंड आवंटित होने से एनसीआरटीसी को निर्माण संबंधी कार्यों को और रफ्तार से पूरा करने में मदद मिलेगी।
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दिल्ली-एनसीआर के साथ पश्चिमी यूपी की दूसरी घटेगी:
रैपिड रेल प्रोजेक्ट से जनपद वासियों केसाथ दिल्ली और मेरठ सहित पश्चिमी यूपी के लोगों के लिए लाइफलाइन साबित होगा। अभी मेरठ सहित पश्चिमी यूपी के विभिन्न जनपदों के लोगों को दिल्ली की दूसरी तय करने में दो से चार घंटे तक का समय लगता है। लेकिन पूरा कॉरिडोर शुरू होने से मेरठ से दिल्ली तक का सफर केवल 60 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। प्रोजेक्ट से रोजाना दिल्ली आने जाने वालों केसाथ कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों में विकास भी परवान चढ़ेगा।
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दिल्ली देहरादून ग्रीन एक्सप्रेसवे के काम को मिलेगी गति:
बजट में परिवहन की रफ्तार को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। ऐसे में गाजियाबाद से गुजरने वाले 210 किमी लंबे दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का काम आने वाले दिनों में और गति पकड़ेगा। अक्षरधाम, लोनी और बागपत से होकर जाने वाले प्रोजेक्ट का काम अभी तेज रफ्तार से जारी है। आने वाले दिनों में प्रोजेक्ट को और अधिक फंड मिलने से काम की गति और तेज होगी। दूसरी ओर लोगों को देहरादून जाने के लिए एक और मार्ग उपलब्ध होगा।
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रोपवे प्रोजेक्ट में केंद्रीय अंशदान को जल्द मिलेगी हरी झंडी:
वैशाली से मोहननगर तक पहले रोपवे प्रोजेक्ट की कुल लागत 450 करोड़ है। प्रोजेक्ट में 20 फीसदी केंद्रीय अंशदान के लिए जीडीए प्रस्ताव केंद्र सरकार में जमा करा चुका है। ऐसे में परिवहन से जुड़े प्रोजेक्ट को जल्द हरी झंडी मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस प्रोजेक्ट में 60 फीसदी अंशदान निजी एजेंसी और 20 फीसदी अंशदान जीडीए सहित बाकी सरकारी एजेंसियों का होगा।
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कोट.
रैपिड कॉरिडोर में 16 किमी एलिवेटेड ट्रैक तैयार:
बजट में अधिक फंड आवंटित होने से रैपिड प्रोजेक्ट को और गति मिलेगी। अभी तक कॉरिडोर में 16 किमी एलिवेटेड ट्रैक तैयार किया गया है। प्राथमिकता खंड में निर्माण कार्य पूरा होने के साथ इसी साल ट्रायल रन शुरू होगा। पूरे कॉरिडोर में 14 हजार मजदूर और 1100 इंजीनियर दिनरात काम कर रहे हैं। -- पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी
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रैपिड कॉरिडोर एक नजर में:
- दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की कुल लंबाई 82 किमी
- कुल स्टेशनों की संख्या- 17
- गाजियाबाद में कुल स्टेशन- 7
- ट्रेन की अधिकतम रफ्तार- 180 किमी प्रतिघंटा
- साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किमी लंबे प्राथमिकता खंड मे 14 किमी एलिवेटेड ट्रैक बना
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एनसीआरटीसी को बजट आवंटन:
वित्तीय वर्ष कुल बजट आवंटन
2019-20 74.25 करोड़
2020-21 2487.40 करोड़
2021-22 4472 करोड़
2022-23 4710 करोड़
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