डीएम के निर्देश के बाद भी नरेंद्र को नहीं मिला इंसाफ, प्रमोद की शिकायत का कागजों में हो गया निस्तारण
गाजियाबाद। नए साल का पहला संपूर्ण समाधान दिवस शनिवार को सदर तहसील के नेहरू नगर सामुदायिक केंद्र पर आयोजित किया गया। इस मौके पर कुल 30 शिकायतें अधिकारियों के समक्ष आईं। इनमें से तीन शिकायतकर्ता ऐसे हैं जो लगातार तीन समाधान दिवस पर फरियाद लेकर आ रहे हैं। हर बार वह मायूस होकर लौट रहे हैं।
मसूरी थाने के सादिकपुर काजीपुरा निवासी नरेंद्र 15 परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए अधिकारियों की चौखट और दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। नरेंद्र का कहना है कि गांव में उनकी बिरादरी के 15 परिवार अपनी पट्टे की जमीन से बेदखल कर दिए गए हैं। पिछले 45 साल से वह लोग पट्टे की जमीन पर मकान बनाकर रह रहे थे। आरोप है कि कोरोना काल में नगर निगम ने उक्त जमीन पर बने निर्माण को बिना किसी नोटिस के गिरा दिया, जबकि कागजों में अभी भी हरिजन आबादी दर्ज है।
नरेंद्र का कहना है कि पिछले दो समाधान दिवस पर अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं। नगर निगम और डीएम के यहां कई बार शिकायत कर चुके हैं। दिसंबर में समाधान दिवस में डीएम राकेश कुमार सिंह ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए थे कि कागजों की जांच कर समाधान कराएं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
समाधान दिवस में बम्हैटा गांव से जमीन की पैमाइश कराने की दरख्वास्त लेकर पहुंचे प्रमोद कुमार ने बताया कि वह तीसरी बार शिकायत लेकर पहुंचे हैं। उनकी जमीन को कुछ लोग दबा रहे हैं। पिछली बार डीएम ने तीन दिन के अंदर समाधान करने के लिए कहा था। इस बार उन्हें कोर्ट में जाने के लिए कहा गया। हालांकि इस शिकायत का मौके पर निस्तारण अधिकारियों द्वारा कागजों में दर्शा दिया गया।
आंबेडकर पार्क में गंदगी और सफाई नहीं होने की शिकायत लेकर लेकर चौथी बार मौजीराम गौतम समाधान दिवस में पहुंचे। मौजीराम का कहना था कि संक्रमण बढ़ रहा है। नगर निगम से अब तक दस बार और समाधान दिवस में चार बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
सदर तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम राकेश कुमार सिंह, सीएमओ भवतोष शंखधार, एसडीएम सदर विनय सिंह, तहसीलदार विजय कुमार मिश्र समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। समाधान दिवस में बिजली की पांच शिकायतें, राजस्व की पांच, नगर निगम की छह, जीडीए की पांच, सिंचाई विभाग तीन, आपूर्ति विभाग एक, पुलिस की पांच शिकायतें आईं। डीएम ने सभी शिकायतों का निस्तारण समय से करने और निस्तारण की सूचना वादी और उच्चाधिकारियों को देन के निर्देश दिए।