चार घंटे तक इलाज के लिए भटकती रही बीमार महिला, किया रेफर
गाजियाबाद। गंभीर रूप से बीमार टीबी की मरीज को लेकर आशा और मरीज के पति चार घंटे तक इधर से उधर भटकते रहे, इसके बाद एमएमजी अस्पताल में महिला भर्ती की गई। जांच के बाद शुगर का लेबल अधिक होने पर उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। इमरजेंसी में महिला का इलाज करने वाले डॉ. एके विश्वकर्मा ने बताया कि 22 वर्षीय महिला का छह महीने तक टीबी का इलाज चला था। कोर्स पूरा होने पर इलाज बंद कर दिया था। उसे इमरजेंसी में भर्ती किया गया है, लेकिन हालत गंभीर होने से रेफर कर दिया गया।
मुरादनगर के गांव सुहाना निवासी इमरान की 22 वर्षीय पत्नी गुलिस्ता को जांच में टीबी की पुष्टि हुई तो छह महीने तक नियमित इलाज हुआ। इसके बाद इलाज बंद हो गया। पांच दिन से गुलिस्ता ने खाना पीना छोड़ दिया। शनिवार गंभीर स्थिति होने पर क्षेत्र की आशा बीना की मदद से वह 108 एंबुलेंस से इलाज कराने मुरादनगर सीएचसी पर ले गया, वहां से संजय नगर संयुक्त अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। वहां पर पर्चे पर ऑक्सीजन और प्राथमिक इलाज लिखकर एमएमजी टीबी अस्पताल के लिए रेफर किया गया। इमरान ने बताया कि संयुक्त अस्पताल में उसे न तो डॉक्टर ने देखा और न ही इलाज मिला। एमएमजी अस्पताल परिसर में जिला क्षय रोग केंद्र पर भी बंद होने से एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में आया। इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने उसे टीबी का मरीज बताकर टरकानेे का प्रयास किया। बाद में उसे भर्ती तो कर लिया, लेकिन कुछ देर बाद उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
इस मामले में सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि किसी भी मरीज को बिना प्राथमिक इलाज के रेफर नहीं किया जा सकता है। इसकी जांच की जाएगी कि मुरादनगर सीएचसी और संयुक्त अस्पताल से बिना इलाज के क्यों भेज दिया गया।
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