ऑटो चालक बोले- निगम क्षेत्र का परमिट है रूट निर्धारण मंजूर नहीं
गाजियाबाद। शहर के ऑटो चालक रूट निर्धारण के विरोध में उतर आए हैं। शुक्रवार को ऑटो रिक्शा टेंपो चालक संघ के बैनर तले पहुंचे चालकों ने एसएसपी दफ्तर का घेराव किया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रूट निर्धारण का फैसला वापस लेने की मांग की। उन्होंने दो टूक कहा कि जब उनका परमिट निगम क्षेत्र का है तो उन्हें कोई एक रूट मंजूर नहीं है। एसडीएम सदर विनय सिंह ने ज्ञापन लेकर उनका पक्ष पुलिस तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार ने कहा कि दो वर्षों से कोरोना महामारी का दंश ऑटो चालकों ने झेला है। चालकों के भूखे मरने की नौबत आ गई थी। कोरोना का असर कुछ कम होने पर चालकों की आजीविका कुछ पटरी पर आई तो अब पुलिस उन्हें कंगाली के कगार पर ले जाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि जब चालकों के पास पूरे निगम क्षेत्र का परमिट है और उसी के हिसाब से वह शुल्क अदा करते हैं, ऐसे में उन्हें सिर्फ एक रूट देकर उनके पेट पर लात मारने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि किसी भी सूरत में उन्हें रूट परमिट मंजूर नहीं है। चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी स्तर पर आंदोलन क्यों न करना पड़े। नारेबाजी के बाद संघ के पदाधिकारियों ने पहले तो एसपी प्रोटोकॉल को ज्ञापन दिया। इसके बाद उन्होंने एसडीएम सदर को ज्ञापन देकर रूट परमिट रद्द करने की मांग की।
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फोटो सहित.....
बिना परमिट दौड़ रहीं 35 बसें सीज कीं
गाजियाबाद। यातायात पुलिस ने शुक्रवार को अभियान चलाकर बिना परमिट के सड़कों पर दौड़ रहीं 53 बसों को सीज किया। एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि बिना परमिट दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी एक्शन लिया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई का पता लगने पर कुछ बस चालकों ने सवारियों को शहर की सीमा से ही बाहर ही उतार दिया। इसके अलावा सीज हुई बस के यात्रियों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में परेशानी झेलनी पड़ी।