तेजी से हो रहा है रैपिड निर्माण कार्य
- फोटो : Amar Ujala Meerut
साहिबाबाद से दुहाई तक रैपिड रेल कॉरिडोर के पहले खंड का 70 फीसदी काम पूरा हो गया है। 17 किमी लंबे पहले प्राथमिकता खंड में 13 किमी एलिवेटेड ट्रैक तैयार हो गया है। अप्रैल 2022 तक सिविल संबंधी निर्माण कार्य पूरा होने के साथ दुहाई डिपो में रैपिड ट्रेन पहुंचेगी। ऐसे में एनसीआरटीसी की तैयारी जून में रैपिड ट्रेन को ट्रैक पर उतारकर ट्रायल रन शुरू करने की है। दिसंबर 2022 तक ट्रायल रन पूरा होने के साथ ही मार्च 2023 में देश की पहली रीजनल रेल का गाजियाबाद में संचालन शुरू हो जाएगा।
630 पिलर बनकर तैयार, केवल 40 बाकी
कोरोना की दो लहर में काम ठप होने के बावजूद एनसीआरटीसी के इंजीनियर और कर्मचारियों ने कॉरिडोर में निर्माण कार्य की रफ्तार धीमी नहीं होने दी। इसका नतीजा है कि पहले खंड में एलिवेटेड सेक्शन में कुल 670 में से 630 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। दो दिन पहले ही वसुंधरा के पास रेलवे लाइन पर पहला धनुषाकार स्पैन लांच किया गया। दिल्ली से मेरठ तक 82 किमी लंबे पूरे कॉरिडोर में एलिवेटेड ट्रैक (वायाडक्ट) तैयार करने के लिए कुल 20 लांचिंग गर्डर मशीनें काम कर रही हैं। इनमें से पहले खंड में 16 मशीनें दुहाई से साहिबाबाद के बीच दिनरात काम में लगाई गई हैं।
स्टेशनों का काम 65 फीसदी तक पूरा, तीन किमी बिछीं पटरियां:
रैपिड के पहले खंड में कुल चार साहिबाबाद, मेरठ रोड तिराहा, गुलधर, दुहाई स्टेशन अब आकार लेने लगे हैं। स्टेशनों का काम 40 से 65 फीसदी तक पूरा हो गया है। कॉरिडोर के 26 मीटर ऊंचे मेरठ रोड तिराहा स्टेशन पर सबसे तेज गति से काम जारी है। इस स्टेशन पर ट्रैक के लेवल तक स्पैन को लॉंच किया जा चुका है। दूसरी ओर एलिवेटेड ट्रैक तैयार होने के बाद उस पर तीन किमी तक रेल पटरियों को बिछाया जा चुका है। पटरियों के साथ एलिवेटेड ट्रैक पर इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है।
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डिपो में ट्रायल सहित 13 ट्रैक जनवरी तक बनकर होंगे तैयार:
रैपिड के दुहाई डिपो में रैपिड ट्रेन कोच उतरने से पहले एक किमी लंबे ट्रायल ट्रैक सहित कुल 13 ट्रैक को बिछाने के काम तेज गति से जारी है। डिपो का निर्माण दुहाई के साथ भिक्कनपुर और बसंतपुर सैंथली गांव की 51 हेक्टेयर जमीन पर किया जा रहा है। एनसीआरटीसी के इंजीनियर्स की मानें तो रनिंग ट्रैक बिछाने का काम जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। रनिंग ट्रैक पर 880 ग्रेड की उच्च क्षमता की पटरियाें को बिछाया जा रहा है। डिपो में स्टैंडर्ड गेज की तीन निरीक्षण और दो वर्कशॉप लाइन का काम भी जारी है। रैपिड का मुख्य कंट्रोल और बैकअप ऑपरेशनल सेंटर होगा। रैपिड कॉरिडोर सभी गतिविधियों की निगरानी डिपो से होगी। एनसीआरटीसी का मुख्य प्रशासनिक भवन का स्वरूप अब नजर आने लगा है।
1100 इंजीनियर व 14 हजार कर्मचारी दिनरात जुटे:
रैपिड कॉरिडोर के निर्माण कार्य में 1100 इंजीनियरों के साथ 14 हजार कर्मचारी दिनरात जुटे हैं। प्राथमिकता खंड में सिविल संबंधी काम अप्रैल 2022 तक पूरा होने की पूरी संभावना है। ऐसे में तब तक रैपिड ट्रेन आने के साथ छह माह में ट्रायल रन शुरू करने के प्रयास जारी हैं।
- पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी