जीडीए ने 2.40 करोड़ में ली छह प्रोजेक्ट पर सलाह, काम एक पर भी नहीं हुआ
गाजियाबाद। जीडीए ने चार साल में छह बड़े प्रोजेक्ट पर सलाह के नाम पर दो करोड़ 40 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन काम एक भी प्रोजेक्ट पर नहीं हुआ। यह पैसा बेकार गया। सभी प्रोजेक्ट फंड की कमी बताते हुए या तो बंद कर दिए गए या ठंडे बस्ते में डाल दिए। सलाह के नाम पर खर्च हो रहे पैसे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
4818 करोड़ के चार प्रोजेक्ट की बनी थी डीपीआर:
- जीडीए ने सरकारी सहित निजी सलाहकार फर्मों के जरिए चार बड़े प्रोजेक्ट तैयार किए थे। इन प्रोजेक्ट की 4818 करोड़ की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हुई थी। सबसे पहले घंटाघर से भाटिया मोड़ तक 2.30 किमी लंबी दूसरी एलिवेटेड रोड तैयार करने का प्रोजेक्ट बनाया गया। सीआरआरआई की ओर से 253 करोड़ की डीपीआर बनाई गई। फिर प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया।
- दूसरे प्रोजेक्ट में वैशाली से मोहननगर मेट्रो फेज-तीन प्रोजेक्ट की 1808.2 करोड़ की डीएमआरसी ने डीपीआर तैयार की। प्रोजेक्ट में चार स्टेशन बनने थे, लेकिन फंडिंग तय न और रोपवे प्रोजेक्ट आने से प्रोजेक्ट लगभग बंद हो गया है।
- तीसरे नोएडा से साहिबाबाद मेट्रो फेज-चार प्रोजेक्ट की 1517 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई। 5.017 किमी लंबे प्रोजेक्ट में कुल पांच स्टेशन बनाए जाने थे। अब प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
- राजनगर एक्सटेंशन से यूपी गेट तक बनी देश की सबसे लंबी सिंगल पिलर एलिवेटेड रोड का नोएडा के डीएनडी टोल तक विस्तार किया जाना था। निजी एजेंसी ने 60 लाख सलाहकार शुल्क लेकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की थी। प्रोजेक्ट पर 1250 करोड़ खर्च होने थे। लेकिन प्रोजेक्ट को बंद कर दिया गया है।
ट्रैफिक मैनेजमेंट के दो प्रोजेक्ट पर नहीं हुआ काम:
जीडीए ने शहर के जाम को खत्म कर यातायात को व्यवस्थित करने के लिए दो प्रोजेक्ट तैयार किए थे। पहले प्रोजेक्ट में आईआईटी रुड़की से दिल्ली-मेरठ हाईवे और इंदिरापुरम का ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार करवाया था। लेकिन मुरादनगर में यू-टर्न के अलावा प्रोजेक्ट पर कोई काम नहीं हुआ। फिर जीटी रोड व हापुड़ रोड पर तिराहों व चौराहों का नया डिजाइन तैयार करने का जिम्मा अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी को सौंपा था। लेकिन रिपोर्ट मिलने के बाद उस पर अब तक कोई काम नहीं हुआ है।
प्रोजेक्ट जिनका खाका खींचने पर लाखों खर्च:
प्रोजेक्ट कुल सलाहकार शुल्क एजेंसी
एलिवेटेड रोड नोएडा तक विस्तार 60 लाख निजी एजेंसी
वैशाली से मोहननगर मेट्रो फेज-तीन 55 लाख डीएमआरसी
नोएडा से साहिबाबाद मेट्रो फेज-चार 55 लाख डीएमआरसी
सेकेंड एलिवेटेड रोड (जीटी रोड) 40 लाख सीआरआरआई
चौराहों व तिराहों का डिजाइन 10 लाख अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी
शहर का ट्रैफिक प्लान 20 लाख आईआईटी रुड़की
भविष्य के प्रोजेक्ट:
वैशाली से मोहननगर रोपवे 44 लाख निजी एजेंसी
(35 लाख का भुगतान) प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं
नया बस अड्डा से पुराना रेलवे स्टेशन मेट्रो 30 लाख डीएमआरसी
(भुगतान नहीं)
कोट...
जनहित में ध्यान रख प्रोजेक्ट किए तैयार
जनहित को ध्यान में रखते हुए शहर में कई विकास प्रोजेक्ट को तैयार किया गया। विभिन्न प्रोजेक्ट की लागत करोड़ों में हैं। ऐसे में भविष्य में वित्तीय स्थिति को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा। -- एसके सिन्हा, मुख्य अभियंता, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण