वकील बोले, हाईकोर्ट बेंच की मांग पूरी करने वाले को ही करेंगे वोट
गाजियाबाद। गाजियाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 27 जिलों के अधिवक्ता पिछले कई साल से हाईकोर्ट बेंच की मांग करते आ रहे हैं। इन चार दशक में कई सरकारें आईं और चलीं गईं, लेकिन किसी भी सरकार ने अधिवक्ताओं और आम जनता की पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच की मांग पूरी नहीं की। इस बार अधिवक्ताओं ने मन बनाया है कि जो सरकार हाईकोर्ट बेंच की मांग पूरी करेगा, उसके ही पक्ष में मतदान किया जाएगा। यह विचार अधिवक्ताओं ने अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में व्यक्त की।
40 साल से अधिवक्ता कर रहे संघर्ष
पिछले चालीस साल से लगातार संघर्ष चला आ रहा है। इतने लंबे समय में हर पार्टी की सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर चुकी, लेकिन किसी भी सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करोड़ों जनता के दुख-दर्द की तरफ नहीं देखा। प्रयागराज जाने में समय और पैसा दोनों की बर्बादी होती है। - मुनीश त्यागी, बार अध्यक्ष
आम जनता न्याय से रह जाती है वंचित
पश्चिमी हाईकोर्ट बेंच की मांग सिर्फ अधिवक्ताओं की मांग नहीं है, आम जनता की भी है। गाजियाबाद में ही लगभग 2.25 लाख से अधिक मामले विचाराधीन है। स्थानीय कोर्ट से फैसला आने के बाद हर विपक्षी उच्च न्यायालय में न्याय के लिए जाना चाहता है, लेकिन दूर होने और धन अधिक खर्च होने से नहीं जा पाते हैं। - मनमोहन शर्मा, बार सचिव
वकीलों को समझने वालों का साथ
एक सरकार ने अधिवक्ताओं के लिए चैंबर बनवाया था। उसके बाद से बार एसोसिएशन ही अपनी तरफ से अधिवक्ताओं के लिए प्रयास कर रही है। किसी सरकार ने अधिवक्ताओं के अधिकार के लिए न कोई प्रयास किया और न ही कोई सुधार हुआ। इस बार अधिवक्ता उसी का सहयोग करेंगे, जो उन्हें समझे। - महेश चंद यादव, पूर्व सहायक शासकीय अधिवक्ता
समर्थन करने वाली पार्टी को वोट
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हाईकोर्ट बेंच की मांग करने वाले अधिवक्ताओं को समर्थन करने वाली पार्र्टी को अधिवक्ता इस बार वोट करेंगे। पिछले चालीस साल के संघर्ष में अभी तक किसी भी दल ने समर्थन तक नहीं किया है। अगर किसी पार्टी ने अधिवक्ताओं की मांग का समर्थन किया तो अधिवक्ता भी उसका साथ देंगे। - राजकुमार चौहान, अधिवक्ता
नए वकीलों को मिले मदद
हम लोग उस पार्टी का समर्थन करेंगे जो नवोदित अधिवक्ताओं की आर्थिक मदद के लिए अधिवक्ता एक्ट को लागू करेगा, क्योंकि कई नए अधिवक्ता ऐसे आते हैं जो लंबे समय तक संघर्ष करते हैं, लेकिन उन्हें किसी तरह की मदद नहीं मिल पाती है। इस कारण से कई बार जो अच्छी वकालत करते हैं वह भी आर्थिक सहयोग न मिलने से वकालत छोड़ देते हैं। - मनोज नागवंशी, अधिवक्ता
न्याय मिलने में होती है देरी
गाजियाबाद में लाखों पीड़ितों को न्याय मिलने में इसलिए देरी होती है कि समय पर पुलिस न तो चार्जशीट पेश करती है और न ही सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखती है। हाईकोर्ट की बेंच तो हम सबकी मांग है, लेकिन उस पार्टी को समर्थन किया जाएगा जो पुलिस की कार्य प्रणाली में सुधार कर सके। इस समय सबसे अधिक परेशानी पुलिस की कार्रवाई से है। - खालिद खान, अधिवक्ता