जालसाजों ने एनआरआई महिला के खाते से उड़ाए 16 लाख
गाजियाबाद। नगर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली एनआरआई महिला के खाते से साइबर ठगों ने 16 लाख रुपये साफ कर दिए। महिला ने खाते का बैलेंस चेक किया तो फर्जीवाड़ा का पता चला। विभागीय खोजबीन के बाद भी जालसाजों का पता न लगने पर पंजाब नेशनल बैंक की जीटी रोड शाखा के प्रबंधक सुधीर कुमार ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है।
मूलरूप से नगर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली गरिमा चावला एनआरआई हैं। उनका खाता पंजाब नेशनल बैंक की जीटी रोड शाखा में है। कुछ समय पहले उन्होंने अपने खाते की डिटेल चेक की तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनके खाते से 16 लाख रुपये गायब थे। इसके बाद गरिमा चावला ने बैंक में ऑनलाइन शिकायत की। महिला के खाते से मोटी रकम निकलने का पता लगने पर बैंक अधिकारी भी सकते में आ गए। खोजबीन करने पर पता चला कि महिला के खाते से एक ही दिन में रकम निकाली गई है। फर्जीवाड़ा सामने आने पर बैंक अधिकारियों ने विभागीय स्तर से जांच-पड़ताल की गई।
बैंक कर्मचारी भी पुलिस की रडार पर
घटना के संबंध में करीब डेढ़ महीने पहले बैंक मैनेजर ने साइबर सेल में शिकायत दी थी। पुलिस का कहना है कि महिला ने किसी तरह की ट्रांजेक्शन नहीं की और रकम निकालने के लिए बैंकिंग की कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई। ऐसे में 16 लाख रुपये खाते से ट्रांसफर करने से पहले बैंक ने महिला से कोई संपर्क क्यों नहीं किया। इस सवाल का जवाब न देने पर साइबर सेल ने बैंक मैनेजर की शिकायत लौटा दी थी। साथ ही कहा गया था कि पीड़ित महिला खुद शिकायत करे।
अधिकारियों से वार्ता कर दोबारा तहरीर दी
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि एनआरआई महिला के खाते से एक ही दिन में 16 लाख रुपये निकाले गए हैं। बैंक मैनेजर ने इस संबंध में दोबारा से शिकायत दी है। इस बार उन्होंने कुछ नए तथ्य बताए गए हैं। एफआईआर दर्ज करने के लिए नगर कोतवाली पुलिस के शिकायत भेज दी गई है। जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई है, उसकी जानकारी जुटाकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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क्रेडिट कार्ड जेब में, खाते से उड़ गई रकम
गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम के गुलधर सेकेंड जागृति विहार निवासी गौरी शंकर का खाता एचडीएफसी की राजनगर शाखा में है। उनके पास इसी बैंक का क्रेडिट कार्ड भी है। बैंक में पासबुक की इंट्री कराने पर पता चला कि साढ़े 11 हजार रुपये कम हैं। उनका कहना है कि जब से क्रेडिट कार्ड मिला है, तब से घर पर ही रखा हुआ है। वह उसे चलाना भी नहीं जानते। एसएचओ सुनील कुमार का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।