नई सोसायटियों में नौ महीनों में दिए 3000 मल्टीपल कनेक्शन
गाजियाबाद। जिले की हाउसिंग सोसायटी और बहुमंजिला रिहायशी इमारतों में एकल बिंदु संयोजन से बहु बिंदु संयोजन (मल्टीपल कनेक्शन) योजना के तहत नई सोसायटी में विद्युत निगम के अधिकारी नौ महीनाें में तीन हजार विद्युत संयोजन कर चुके हैं। पुरानी सोसायटियों के निवासी योजना में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।
क्रॉसिंग रिपब्लिक, राजनगर एक्सटेंशन, एनएच-9, साहिबाबाद, इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली सहित अन्य क्षेत्रों में नई हाईराइज सोसायटी में बहु बिंदु विद्युत संयोजन किए जा रहे हैं। योजना शुरू होने पर 177 पुरानी सोसायटियों को इसके लिए चयनित किया गया था, लेकिन इनमें से महज तीन सोसायटी में ही करीब 250 विद्युत संयोजन विभाग ने दिए थे। पुरानी सोसायटी में निगम के सामने निवासियों का विरोध बड़ी समस्या बना हुआ है। इस बारे में अधिकारियों ने मुख्यालय को जानकारी भी दी है। विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि शिविर लगाकर संयोजन के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
क्या है योजना
बिजली बिल को लेकर रेजीडेंट्स और बिल्डर के बीच विवादों की शिकायतें आने के बाद विद्युत निगम ने साल 2020 में बहु बिंदु विद्युत संयोजन (मल्टीपल कनेक्शन) को लेकर विद्युत नियामक आयोग में प्रस्ताव भेजा गया था। आयोग से विद्युत निगम को निवासियों को संयोजन दिए जाने के लिए हरी झंडी दे दी गई। विभाग ने बिजली की यूनिट और जेनरेटर यूनिट का हिसाब रखने के लिए ड्यूल मीटर के लिए भी एजेंसी को नामित किया। जिसके बाद मार्च 2021 से सोसायटी में कनेक्शन देने की शुरुआत की गई।
क्या है नियम
बहु बिंदु विद्युत संयोजन (मल्टीपल कनेक्शन) लेने के लिए सोसायटी के 50 फीसदी निवासियों की सहमति आवश्यक है। विद्युत निगम इसके लिए सोसायटी में शिविर का आयोजन भी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अगर 50 फीसदी लोग सहमति नहीं देते हैं तो माना जाएगा कि सोसायटी में लोगों की कनेक्शन के लिए सहमति है। मल्टीपल कनेक्शन के लिए विद्युत निगम 20720 रुपये फीस ले रहा है। इसमें थ्री फेस मीटर, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी और नेटवर्किंग चार्ज शामिल है।
समस्या का समाधान मुश्किल
बहु बिंदु विद्युत संयोजन (मल्टीपल कनेक्शन) को लेकर अधिकांश सोसायटी में लोगों की रुचि नहीं है। इसमें कई तरह की कमियां भी हैं। सबसे पहले कॉमन एरिया, लिफ्ट सहित अन्य स्थानों की बिजली रखरखाव चार्ज प्रभावित होगा। इसके अलावा सोसायटी में तारों का गुच्छा लगने से दुर्घटना की भी आशंका बनी हुई है। विद्युत निगम केवल कनेक्शन देने और बिल लेने की बात कह रहा है जबकि सोसाइटी में लगे सेटअप का मेंटेनेंस बिल्डर को करना होगा। ऐसे में लोगों को परेशानी होगी तो उनकी समस्या का निस्तारण भी मुश्किल होगा।
- कर्नल टीपी त्यागी, चेयरमैन एओए फेडरेशन गाजियाबाद।
घटेगा बिजली का बिल
बहु बिंदु विद्युत संयोजन को लेकर सभी सोसायटी में अधिकारी कार्य कर रहे हैं। बिल्डर लोगों से सात रुपये या इससे अधिक बिल वसूलते हैं। ऐसे में बड़े बिजली के बिल से लोगों को निजात मिलेगी। पुरानी 177 सोसायटी में आ रही समस्याओं से मुख्यालय को अवगत कराया गया है। - एसके पुरवार, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम।