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सीवर सफाई और कर्मचारियों को सुरक्षा में गाजियाबाद यूपी में अव्वल

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सीवर सफाई और कर्मचारियों की सुरक्षा में गाजियाबाद यूपी में अव्वल
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गाजियाबाद। केंद्र सरकार की ओर से आयोजित सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में गाजियाबाद नगर निगम यूपी के सभी नगर निकायों में नंबर वन रहा। देशभर के नगर निकायों के बीच हुई इस प्रतिस्पर्धा में गाजियाबाद ने न सिर्फ लखनऊ, मेरठ बल्कि चंडीगढ़ जैसे बड़े शहर को पीछे छोड़ राष्ट्रीय स्तर पर छठा स्थान हासिल किया है।
बीते साल वर्ल्ड टॉयलेट डे पर 19 नवंबर 2020 को केंद्र सरकार की ओर से लांच किए गए इस चैलेंज का परिणाम 20 नवंबर को घोषित किया गया, लेकिन सोमवार को इसे सार्वजनिक किया गया। इस प्रतिस्पर्धा का मकसद शहर में की जाने वाली सीवर या सेप्टिक टैंकों की मैनुअल सफाई को रोकने और मशीनों से सफाई कराने का बढ़ावा देना था, ताकि सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान होने वाली मौतों पर अंकुश लगाया जा सके।
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गाजियाबाद नगर निगम ने ‘वन सिटी वन ऑपरेटर’ योजना के तहत प्राइवेट कंपनी के हाथों में जा चुकी सफाई व्यवस्था में न केवल सुधार कराया, बल्कि मानकों का पालन भी कराया। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने इस चैलेंज को पूरा करने के लिए जलकल अभियंता योगेंद्र यादव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। इस चैलेंज के दौरान सफाई कर्मचारियों को न केवल सेफ्टी उपकरण उपलब्ध कराए गए, बल्कि कार्यशाला आयोजित कर उन्हें ट्रेंड भी कराया।
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दो टीमों ने गाजियाबाद को मानकों पर परखा
अक्तूबर में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) की टीम और केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई एक अन्य टीम ने निरीक्षण किया था। इन टीमों ने शहर के सात एसटीपी के संचालन, उनसे निकलने वाले डिस्चार्ज की तीन महीने की टेस्टिंग रिपोर्ट, कर्मचारियों को सेफ्टी उपकरण, मशीनों का निरीक्षण समेत सभी मानकों पर गाजियाबाद की सीवर सफाई व्यवस्था को परखा था।
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इन कार्यों से अव्वल आया गाजियाबाद
1. सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का मानकों के अनुरूप संचालन कराया गया।
2. नाले का बायोरेमेडिएशन जैसे नए तौर-तरीकों पर काम किया गया।
3. समय पर सीवर लाइनों की सफाई कराई गई।
4. सीवर सफाई में लगे कर्मचारियों को सेफ्टी उपकरण दिए गए।
5. कर्मचारियों को यूनिफार्म दी गई।
6. कर्मचारियों को बार-बार ट्रेनिंग देकर सुरक्षित तरीके से सफाई के लिए कुशल बनाया गया।
7. सेप्टिक टैंकों की सफाई करने वाले प्राइवेट लोगों को लोन दिलाकर उपकरण दिलाए गए।
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देश भर में टॉप-10 रैंक में रहे शहर
1. इंदौर
2. नवी मुंबई
3. भोपाल
4. रायपुर
5. सूरत
6. गाजियाबाद
7. कल्याण डोंबिवली
8. ग्वालियर
9. मेरठ
10. चंडीगढ़
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टॉप-20 में यूपी के शहर
रैंक शहर मिले अंक
3 गाजियाबाद 627.3
9 मेरठ 438.28
18 लखनऊ 306.04
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शहर की सफाई में पाया था प्रदेश में दूसरा स्थान
20 नवंबर को जारी हुई स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 में गाजियाबाद नगर निगम ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया था। देश भर में गाजियाबाद का स्थान 18वां था। शहर के लिए यह बड़ी उपलब्धि रही है। बीते साल की अपेक्षा इस साल देश और प्रदेश दोनों स्तर की रैंकिंग में सुधार हुआ है।
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सीवर मेंटेनेंस करने वाली वाबाग कंपनी के वादे अधूरे
गाजियाबाद, आगरा, मेरठ समेत 8 शहरों का सीवर मेंटेनेंस ठेके पर लेने वाली कंपनी वीए टेक वाबाग को हर महीने 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। ठेका लेने के समय पर कंपनी के पदाधिकारियों ने सीवर लाइनों की सफाई रोबोट से कराने और लोगों की शिकायत लेने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाले कंट्रोल रूम की स्थापना करने का दावा किया था। इनमें से दोनों ही दावों को पूरा नहीं कर पाया।
बयान
सफाई मित्रों की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई। हाथों से सफाई कार्य न किया जाए, इसके लिए मशीनें उपलब्ध कराई गईं। इसके बाद गाजियाबाद ने पहले ही सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में देशभर में 6ठां और प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। - आशा शर्मा, महापौर
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सीवर सफाई में लगे कर्मचारियों को मानकों के अनुरूप सुरक्षा उपकरण और मशीनें दी गई। अधिकारियों ने उनकी मॉनीटरिंग की और समय-समय पर कर्मचारियों को ट्रेनिंग देकर जागरूक किया गया। तत्काल समस्या समाधान के लिए कॉल सेंटर संचालित किया। इस संयुक्त प्रयास से ही गाजियाबाद को यह अचीवमेंट मिला है। - महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त
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