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संभलकर चलना ः समय हुआ पूरा, सड़कों के गड्ढ़े अभी भरी नहीं

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संभलकर चलना: समय हुआ पूरा, सड़कों के गड्ढे अभी भरे नहीं
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गाजियाबाद। शहर की सड़कों पर निकलें तो जरा सावधानी बरतें। बरसात के लंबे सीजन से इस बार सड़कों की हालत ज्यादा खस्ताहाल है। जगह-जगह हो चुके गड्ढों को भरने की जिम्मेदारी सरकार ने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और जीडीए को दी थी। 20 नवंबर तक नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जीडीए और नगर पालिकाओं को सड़कों के गड्ढे भरकर नगर निकाय निदेशालय को प्रमाण पत्र भेजना था, लेकिन अभी तक सड़कों के गड्ढे भरे नहीं है। कॉलोनियों से लेकर मुख्य मार्गों की सड़कों में गहरे गड्ढे हैं। अब विभागों के अधिकारियों का दावा है कि 30 नवंबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लक्ष्य को पूरा कर लेंगे।
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निगम को 165 किलोमीटर सड़कों को करना है गड्ढामुक्त
नगर निगम के निर्माण विभाग ने दो चरणों में सर्वे कराकर इस साल 165 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने और 77 किलोमीटर सड़कों की री-सरफेसिंग (नवीनीकरण) करने का लक्ष्य तय किया था। गड्ढों को भरने के लिए नगर निगम ने 12 करोड़ रुपये का एस्टिमेट तैयार किया था। निगम अधिकारियों का दावा है कि 161 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त कर लिया गया है, महज 4 किलोमीटर बाकी है। जबकि हकीकत इससे अलग है। शहर की कॉलोनियों की सड़कों में अभी भी गहरे गड्ढे हैं। कॉलोनियों के लोग निगम अधिकारियों से इन्हें भरवाने की माग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। सड़कों के नवीनीकरण के लिए तय 77 किलोमीटर के लक्ष्य को पूरा करने से नगर निगम अभी बहुत दूर है। नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि 30 किलोमीटर लंबी सड़कों का नवीनीकरण कराया जा चुका है।
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पीडब्ल्यूडी महज 80 फीसदी लक्ष्य कर पाया पूरा
शहर की बड़ी सड़कों और ग्रामीण क्षेत्र की मुख्य सड़कों को गड्ढामुक्त करने का जिम्मा पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) पर है। पैचवर्क के लिए पीडब्ल्यूडी ने इस साल 178 किलोमीटर लंबी 101 सड़कों को चिह्नित किया था। इनमें से महज 80 सड़कों को गड्ढामुक्त किया जा सका है। 105 किलोमीटर लंबी 62 सड़कों का नवीनीकरण कराया जाना था। इनमें से 42 सड़कों का ही नवीनीकरण हो पाया है। पीडब्ल्यूडी लक्ष्य से बेहद पीछे है। 30 नवंबर तक भी इस लक्ष्य को पूरा कर पाना संभव नहीं हो पाएगा।
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आंदोलन की चेतावनी पर रातोंरात बन गई संजयनगर की सड़क
- डेढ़ साल से परेशान थे निवासी
- नगर निगम ने सीवर लाइन डालने के बाद सड़क की नहीं की थी मरम्मत
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। संजयनगर सेक्टर-23 के क्षतिग्रस्त मुख्य मार्ग को बनवाने के लिए रेजिडेंट्स ने आंदोलन की चेतावनी दी तो सड़क रातोंरात बनकर तैयार हो गई। संजय नगर आवासीय कल्याण परिषद के कार्यकर्ताओं ने सड़क ना बनने से परेशान होकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर नगर आयुक्त का पुतला भी फूंका था। उन्होंने अब 25 नवंबर को नगर निगम कार्यालय घेरने की चेतावनी दी थी।
अध्यक्ष वीके अग्रवाल ने बताया कि डेढ़ साल पहले सीवर लाइन डालने के लिए सड़क खोदी गई थी। उसके बाद सड़क बनाई नहीं गई थी। पिछले डेढ़ वर्ष से स्थानीय निवासी परेशान थे और गड्ढों की वजह से कई हादसे भी हो चुके थे। जुलाई से लेकर अगस्त तक लगातार धरने प्रदर्शन किए गए थे। 15 नवंबर को सभी सदस्यों ने नगर आयुक्त का पुतला फूंका था और 25 नवंबर को नगर निगम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देने की तैयारी थी। महामंत्री डॉ. हरीश शर्मा और संरक्षक व चेयरमैन प्रदीप गर्ग ने कहा कि 15 महीनों के अथक प्रयास के बाद विभाग जागा और सड़क बन गई।
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बयान
नगर निगम सीमा क्षेत्र में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य 98 फीसदी पूरा हो गया है। सड़कों के नवीनीकरण का काम भी 30 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा कॉलोनियों की गलियों को इंटरलॉकिंग टाइल्स से बनाने के लिए टेंडर खोले जा रहे हैं। जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराए जाएंगे। - एनके चौधरी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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सड़कों के गड्ढे भरने का 80 फीसदी लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। बाकी सड़कों को भी जल्द ही गड्ढामुक्त करा लिया जाएगा। इसके लिए शासन से बजट की डिमांड की गई है। 30 नवंबर तक गड्ढे भरने और नवीनीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा। - विमल कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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