जाम में फंसीं बहनें, भाई करते रहे इंतजार
मुरादनगर/मोदीनगर। भैया दूज के दिन बहनों को दिल्ली-मेरठ हाईवे पर जाम से जूझना पड़ा। मुरादनगर में पांच किमी और मोदीनगर में करीब चार किमी तक वाहनों की कतार लग गई। जाम के कारण बहनें अपने अपने भाई के पास देर से पहुंचीं। लोगों ने संपर्क रास्तों को सहारा लिया।
दिल्ली-मेरठ हाईवे पर मोदीनगर में सीवर लाइन बिछाने व रैपिड रेल के निर्माण के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। शनिवार सुबह करीब आठ बजे हाईवे पर जाम लगना शुरू हुआ। सबसे पहले सौंदा कट पर जाम लगा। इसके बाद मोदीनगर, कादराबाद से लेकर मनोटा गांव के सामने जाम के कारण करीब चार किमी लंबी वाहनों की कतार लग गई। मुरादनगर में मोरटा से लेकर गंगनहर तक करीब पांच किमी लंबी वाहनों की लाइन लग गई। जाम से बचने के लिए लोगों ने पाइपलाइन मार्ग, गंगनहर पटरी, कनौजा-कुशलिया संपर्क मार्ग व दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का सहारा लिया। वाहनों के अधिक दबाव के चलते दोपहर करीब तीन बजे तक लोग जाम से जूझते रहे। सुबह से लेकर रात तक हाईवे पर वाहन रेंगते रहे। 15 मिनट का सफर तय करने में दो घंटे तक लग गए। एंबुलेंस भी जाम में फंसी नजर आईं। मोदीनगर सीओ सुनील कुमार सिंह का कहना है कि वाहनों की अधिकता के कारण दिल्ली-मेरठ हाईवे पर वाहन धीमी गति से चल रहे थे। प्रत्येक कट पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को ड्यूटी लगाई गई थी, जिससे जाम न लगे। विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों का चालान काटा गया।