निजी अस्पतालों में भी डेंगू के लिए बेड नहीं
गाजियाबाद। डेंगू के मरीजों की बढ़ रही संख्या से सरकारी अस्पतालों के अलावा प्राइवेट अस्पतालों के बेड फुल हो गए हैं। मरीजों को भर्ती कराने के लिए परिजनों को मिन्नतें करनी पड़ रही है। अब तक डेंगू के 747 मामले सामने आ चुके हैं। अक्तूबर में डेंगू के 435 मरीज मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए की गई व्यवस्था कम पड़ रही है। स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों को सरकारी अस्पताल रेफर किया जा रहा है। इन केंद्रों पर बेड होने के बावजूद मरीजों को संयुक्त जिला अस्पताल या एमएमजी रेफर किया जा रहा है। मुरादनगर सीएचसी से तीन मरीजों को संयुक्त अस्पताल रेफर किया गया, जहां बेड न मिलने पर मरीजों को भटकना पड़ा। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार अमन वंशीवाल को रेफर किया गया। बमुश्किल मरीज को अस्पताल में बेड उपलब्ध कराया गया। बाकी मरीजों को भर्ती करने में अस्पताल ने हाथ खड़े कर दिए। इसी तरह से निजी अस्पतालों में डेंगू के लिए आरक्षित बेड भी फुल हो गए हैं। शुक्रवार को जिले में डेंगू के 33 नए मरीज मिले। इनमें 11 बच्चे, छह किशोर और 11 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से 24 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा है।
हॉटस्पॉट बने ग्रामीण क्षेत्र :
इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू के अधिक मामले मिले हैं। शुक्रवार को मिले डेंगू के मरीजों में मुरादनगर से सात, भोजपुर से पांच और डासना से तीन मामले सामने आए। इसके अलावा खोड़ा से चार मामले सामने आए। शहरी क्षेत्र में विजयनगर, गोविंदपुरम से लगातार मामले सामने आ रहे हैं।
निजी अस्पतालों में बेड की स्थिति
अस्पताल आरक्षित बेड भरे
यशोदा अस्पताल 300 300
कोलंबिया अस्पताल 100 100
गायत्री अस्पताल 100 100
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े :
अस्पतालों में भर्ती मरीज - 108
सरकारी अस्पतालों में भर्ती- 46
निजी अस्पतालों में भर्ती - 62
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निजी अस्पतालों में बेड फुल हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सभी बेड पर डेंगू के मरीज भर्ती हैं। 100 बेड के अस्पताल में सर्जरी व अन्य रोग के पीड़ित मरीज भी हैं। डेंगू के मरीजों के लिए व्यवस्था की जा रही है। निजी अस्पतालों को भी गंभीर रोगियों को प्राथमिकता पर भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
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