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सुपारी किलर को रिमांड पर लेकर 25 किमी खंगाली नहर, नहीं मिली लाश

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सुपारी किलर को रिमांड पर लेकर 25 किमी खंगाली नहर, नहीं मिली लाश
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गाजियाबाद। बसंतपुर सैथली निवासी लीलू त्यागी द्वारा संपत्ति के लिए कुनबे के पांच लोगों की हत्या के मामले में मुरादनगर पुलिस ने बुधवार को बुलंदशहर पहुंचकर क्राइम सीन दोहराया। पांचवीं हत्या की सुपारी लेने वाले सैंगली निवासी विक्रांत और अरनिया के नंगला निवासी उसके भांजे मुकेश को पुलिस ने बुधवार सुबह बुलंदशहर जेल से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया। इसके बाद थाना जवां और अतरौली क्षेत्र में करीब 25 किलोमीटर तक नहर खंगाली, लेकिन मृतक रेशू (24) की लाश नहीं मिल सकी।
बसंतपुर सेंतली निवासी ब्रिजेश त्यागी का बेटा रेशू आठ अगस्त को लापता हो गया था। 23 सितंबर को पुलिस ने उसकी हत्या का खुलासा कर चाचा लीलू त्यागी, हापुड़ के नंगौला निवासी रिटायर्ड दरोगा सुरेंद्र त्यागी और संभल निवासी उसके नौकर राहुल को गिरफ्तार किया था। लीलू ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए 20 साल में पांच परिजनों की हत्या कबूली थी। उसने बताया कि 20 साल पहले उसने अपने बड़े भाई सुधीर त्यागी, 15 साल पहले सुधीर त्यागी की छोटी बेटी पायल (8), 12 साल पहले सुधीर त्यागी की बड़ी बेटी पारुल (16) और 8 साल पहले दूसरे भाई ब्रिजेश के छोटे बेटे नीशू (16) और आठ अगस्त को दूसरे भतीजे रेशू की हत्या कर दी। वहीं, घेराबंदी होती देख रेशू की सुपारी लेने वाला विक्रांत और उसका भांजा मुकेश पुराने मामलों में बुलंदशहर जेल चले गए थे।
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12 घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड हुआ था मंजूर
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मुरादनगर पुलिस ने 7 अक्तूबर को बी-वारंट दाखिल किया था। इसके बाद 13 अक्तूबर को गाजियाबाद सीजेएम कोर्ट में पीसीआर के लिए अर्जी लगाई। 18 अक्तूबर को बहस के बाद कोर्ट ने विक्रांत और मुकेश का 12 घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर किया, जो कि बुधवार सुबह 8 से शाम 8 बजे तक था। एसएचओ मुरादनगर सतीश कुमार ने बुलंदशहर जेल से दोनों आरोपियों को कस्टडी में लिया और निजी गोताखोरों के साथ नहर में रेशू के शव की तलाश की।
पुलिस ने खंगाले तीन थाना क्षेत्र, मिली मायूसी
पुलिस ने सबसे पहले अरनिया क्षेत्र के नंगला गांव के जंगल में मुकेश की ट्यूबवेल पर क्राइम सीन दोहराया। वहां से जवां क्षेत्र में नहर पुल पर पहुंचे, जहां से रेशू का शव नहर में फेंका गया था। इसके बाद निजी गोताखोरों ने अतरौली थानाक्षेत्र तक करीब 25 किलोमीटर नहर खंगाली, लेकिन रेशू का शव नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक दो दिन पहले नहर में दो शव मिले थे, लेकिन उनमें से कोई रेशू का नहीं था।
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हत्या की कड़ी से कड़ी जोड़ी
पूछताछ में विक्रांत ने बताया कि अन्य आरोपियों के साथ वह रेशू को कार में बैठाकर बुलंदशहर में चले थे। रास्ते में ही सभी ने मिलकर रस्सी से गला घोंटकर रेशू की हत्या कर दी। इसके बाद नंगला में मुकेश की ट्यूबवेल पर पहुंचकर शराब पी। अंधेरा होने पर रेशू के शव को बोरे में बंद किया और जवां क्षेत्र में पुल ने नहर में फेंक दिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को बुलंदशहर जेल में दाखिल कर दिया।
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