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फर्नीचर कारोबारी और बेटे की चाकू से गोदकर हत्या, पंखे से सिर कुचला

Fri, 17 Sep 2021 12:50 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

पड़ोसियों ने बताया कि नईमुल के परिवार में किसी तरह का विवाद नहीं था। नईमुल की अलीगढ़ में ससुराल है। पत्नी साइमा पहले अलीगढ़ गई और वहां से फिर बिहार रिश्तेदारी में शादी में शामिल होने गई।
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प्रतीकात्मक फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ट्रॉनिका सिटी की कासिम विहार कॉलोनी में बृहस्पतिवार को तड़के चाकू से गोदकर फर्नीचर कारोबारी नईमुल हसन (34) और उनके बेटे उवैस (8) की हत्या कर दी गई। हत्यारों ने पिता-पुत्र का गला भी रेता और फिर पंखे के मोटर से चेहरा कुचल दिया। सुबह पड़ोस में रहने वाला नईमुल का भतीजा हेलमेट लेने गया तो दोनों के शव खाट पर पड़े मिले। सूचना पर आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी पवन कुमार और एसपी ग्रामीण ने घटनास्थल का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम ने मौके पर साक्ष्य जुटाए। पुलिस परिजनों व अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है।

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मूलरूप से संभल के गांव थाना धनारी निवासी नईमुल करीब 7 साल से कासिम विहार कॉलोनी में पत्नी साइमा और चार बच्चों के साथ रह रहे थे। नईमुल हसन पड़ोस में रहने वाले दो भाइयों ममनून और जंजरहसन के साथ रामपार्क कॉलोनी में फर्नीचर का काम करते थे। नईमुल की पत्नी 6 दिन पहले तीन बच्चों को लेकर बिहार रिश्तेदारी में गई हुई हैं जबकि नईमुल बेटे उवैस के साथ घर पर रुक गए थे। बुधवार रात दोनों एक ही कमरे में अलग-अलग खाट पर सोए थे। बृहस्पतिवार सुबह दोनों के शव खून से लथपथ कमरे में मिले।

मृतक के भाई ममनून ने बताया कि सुबह साढ़े 9 बजे उनका बेटा अरबाज नईमुल हसन के घर से हेलमेट लेने गया तो दरवाजा खुला मिला। अंदर जाकर देखा तो दोनों के लहूलुहान शव चारपाई पर पड़े थे। अरबाज ने घटना की जानकारी दी तो परिजन मौके पर पहुंचे। चीखपुकार सुनकर पड़ोसी भी इकट्ठा हो गए।
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रोजाना शाम को आता था, बुधवार को दोपहर में ही घर आ गया
पड़ोसियों ने बताया कि नईमुल के परिवार में किसी तरह का विवाद नहीं था। नईमुल की अलीगढ़ में ससुराल है। पत्नी साइमा पहले अलीगढ़ गई और वहां से फिर बिहार रिश्तेदारी में शादी में शामिल होने गई। उवैस निजी स्कूल में कक्षा एक का छात्र था। स्कूल जाने के चलते ही मां साइमा उसे छोड़कर गई थी। परिजनों ने कहा कि रोजाना नईमुल हसन शाम को घर आते थे और दिन में उवैस पड़ोस में चाचा के घर रहता था। लेकिन बुधवार को नईमुल दोपहर को ही घर आ गए थे, जिसके बाद बेटा उवैस भी घर चला गया।

वारदात में करीबी पर शक
नईमुल हसन का मकान दो मंजिला है। पत्नी के जाने के बाद उन्होंने छत वाले कमरे का दरवाजा बंद कर रखा था। वहीं, रात के समय वह अपने घर के गेट को अंदर से बंद कर के सोते थे। सुबह जब मृतक का भतीजा हेलमेट लेने आया तो गेट खुला हुआ था। पुलिस अंदेशा जता रही है कि घटना में कोई करीबी शामिल है। जिसने दरवाजा खुलवाकर नईमुल और उसके बेटे की हत्या की।

पंखे की मोटर साथ लाए थे हत्यारे
जिन दो चारपाइयों पर पिता-पुत्र के शव मिले, वहां छत का पंखा बिना पंखुड़ी के मिला था। पंखे के अंदर के पार्ट्स भी बाहर आए हुए थे। पंखे पर भी खून के निशान लगे थे, जिससे जाहिर हो रहा था कि उससे पिता-पुत्र के चेहरे कुचले गए हैं। लेकिन जिस कमरे में दोनों के शव मिले थे। वहां छत पर दो पंखे लगे हुए थे। इससे जाहिर है कि हत्यारे अपने साथ पंखा लेकर आए थे।

कुछ दिन पहले मुहल्ले के व्यक्ति से हुआ था झगड़ा
मृतक के भाई ममनून हसन ने बताया कि उनके परिवार की किसी से कोई रंजिश नहीं है। कुछ दिन पहले मोहल्ले के ही एक व्यक्ति से उनका झगड़ा जरूर हुआ था। ममनून हसन का कहना है कि उन्होंने अपने घर के सबमर्सिबल से सामने मस्जिद में पानी की सप्लाई दी थी। व्यक्ति ने यह पाइप चुरा ली थी, जिसके बाद विवाद हुआ था। इसके अलावा उनके परिवार का किसी से कोई विवाद नहीं हुआ।

मृतक नईमुल के भाई ममनून हसन की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। सभी पहलुओं पर मामले की जांच की जा रही है। घटना का खुलासा करने के लिए थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें गठित की गई हैं।
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- डॉ. ईरज राजा, एसपी ग्रामीण

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