हापुड़ और गाजियाबाद में पूर्वी फ्रेट कॉरिडोर पर लग रहा ब्रेक
गाजियाबाद। मालगाड़ी के लिए बनाए जा रहे देश के पहले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की रफ्तार पर हापुड़ और गाजियाबाद की सीमा में जमीन के पुनर्र्गहण प्रक्रिया व अन्य मामलों के निस्तारण में हो रही देरी से ब्रेक लग रहा है। डीएफसीसीआईएल के उप मुख्य परियोजना प्रबंधक ने दोनों जिले के प्रशासन से मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की है। परियोजना प्रबंधक का कहना है कि मामले का निस्तारण नहीं होने से कॉरिडोर बनाने का काम बाधित हो रहा है।
हापुड़ में 13 गाजियाबाद में 12 गांवों से गुजर रहा कॉरिडोर
पंजाब से लेकर पश्चिम बंगाल तक करीब 1839 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर गाजियाबाद और हापुड़ के 25 गांवों से गुजर रहा है। गाजियाबाद में 12 और हापुड़ में 13 गांवों की जमीन इस परियोजना में जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि करीब 95 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है और मुआवजा भी बांटा जा चुका है। कुछ मामले कोर्ट में चले गए हैं और कुछ में निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। गाजियाबाद में 80.3970 हेक्टेयर, हापुड़ में 81.4276 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। हापुड़ में पांच गांवों की जमीन के मामले लंबित हैं।
इन गांवों से गुजर रहा कॉरिडोर
गाजियाबाद : नगौला अमीपुर,किलौड़ा, यूसुफपुर ईसापुर,भदौड़ा, औरंगाबाद, फजलगढ़, पचौता, मुरादाबाद, शकूरपुर, सहदपुर, हुसैनपुर डीडना, फसलगढ़।
हापुड़: हृदयपुर, मुरशदपुर, फाजिलपुर, मोरपुर, ब्रजनाथपुर, सामुद्दीनपुर, उवारपुर, गिरधरपुर तुमरैल, अनवरपुर, रघुनाथपुर, कस्तला कास्माबाद, बड़ौदा हिंदुआन।
कोई प्रकरण लंबित नहीं है। जमीन का अधिग्रहण हो चुका है और मुआवजा भी बंट चुका है। कुछ गांवों में यदि कोई समस्या आ रही है तो जल्द से जल्द उसका निस्तारण कराया जाएगा।
श्याम सिंह चौहान, एडीएम एलए गाजियाबाद