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बारिश ने तैयारी पर फेरा पानी, 10 प्रतिशत पहुंचे बच्चे

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बारिश ने तैयारी पर फेरा पानी, 10 प्रतिशत पहुंचे बच्चे
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गाजियाबाद। सरकारी स्कूलों में बुधवार से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई। बारिश ने कई स्कूलों की तैयारी पर पानी फेर दिया। पहले दिन अव्यवस्था की पोल भी खुली। कहीं शिक्षक स्कूलों से पानी निकालते रहे तो कहीं टीन शेड से पानी टपकता रहा। बुधवार को 10 फीसदी छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे। कुछ स्कूलों में शिक्षकों ने टीका लगाकर बच्चों का स्वागत किया।
कक्षा छह से 12 तक के स्कूल पहले ही खुले चुके हैं। ज्यादातर निजी स्कूलों ने अभी स्कूल खोलने से मना कर दिया है। परिषदीय स्कूलों में पहले दिन कम बच्चे पहुंचे। इसका एक कारण भी बारिश रही। जिले के 455 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालय खुले चुके हैं, लेकिन बुधवार को केवल स्कूलों में 10 फीसदी उपस्थिति रही। बेसिक शिक्षा अधिकारी बृजभूषण चौधरी ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में 50 फीसदी तक सहमति पत्र प्राप्त हो गए हैं। शिक्षक उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। दो पालियों में बच्चों को बुलाया जा रहा है, जिससे बच्चों को किसी प्रकार की समस्या न हो।
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स्कूल की छत पर लोगों का कब्जा
कंपोजिट विद्यालय डासना गेट में 267 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय के बराबर में घर बने हुए हैं। जहां छोटी गली भी है। लोग घर का कचरा इस गली में डाल देते हैं। बारिश होने पर घरों का पानी खिड़कियों के माध्यम से स्कूल के अंदर प्रवेश कर जाता है, जिससे बच्चों को बैठने में दिक्कत होती है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मंजू रावत ने बताया कि कुछ लोगों ने स्कूल की छत पर कब्जा कर लिया है। वहां कपड़े सुखाते हैं और गमले लगा दिए हैं। विरोध के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि स्कूल की दो पुरानी बिल्डिंग में भी कब्जा किया हुआ है। बारिश में स्कूल से पानी टपकता है। पंखे खराब हो गए हैं।
टीन शेड में पढ़ाई
प्राथमिक विद्यालय बजरिया में 186 छात्र-छात्राएं हैं। इस विद्यालय में बरामदा समेत दो कमरे हैं। इनमें बच्चे नहीं बैठ पाते हैं। छात्रों की संख्या ज्यादा होने के कारण पिछले 10 साल से वह टीन शेड के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। टीन शेड भी जगह-जगह से टूट रहा है, जिससे हल्की बारिश का पानी भी बच्चों के ऊपर आकर गिरता है। 10 मिनट तेज बारिश होने पर पानी भर जाता है। बच्चों को स्कूल से बाहर भेजना पड़ता है। प्रधानाध्यापिका ममता राय ने बताया कि शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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शासन को भेजेंगे रिपोर्ट
जिन स्कूलों की स्थिति खराब है, उनकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। जलभराव बड़ी समस्या है, इसका समाधान भी निर्माण के बाद हो पाएगा। स्कूल से अवैध कब्जे को हटवाया जाएगा।
बृजभूषण चौधरी, बीएसए
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