45 लाख की लूट में हापुड़ के दो पत्रकार समेत तीन गिरफ्तार
गाजियाबाद। 17 अगस्त को चेन्नई के कारोबारी से हुई 45 लाख की लूट में कविनगर पुलिस ने हापुड़ के दो पत्रकारों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों के कब्जे से डेढ़ लाख रुपये व तमंचा बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक एक आरोपी डकैती के दौरान घटनास्थल पर मौजूद था। जबकि दोनों पत्रकारों ने आरोपियों को बचाने के एवज में रुपये लिए थे। घटना में शामिल दो आरोपी अभी फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
17 अगस्त को चेन्नई के चावल कारोबारी एम आनंदम से आरडीसी स्थित दुर्गा टावर में 45 लाख रुपये लूटे गए थे। विरोध करने पर तमंचे की बट से हमला कर कारोबारी को लहूलुहान कर दिया था। इसके बावजूद कारोबारी ने हिम्मत दिखाते हुए 55 लाख रुपयों से भरा दूसरा बैग लुटने से बचा लिया था। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने हापुड़ के पूर्व विधायक गजराज सिंह के बेटे सतेंद्र उर्फ बॉबी तथा अरविंद त्यागी निवासी हापुड़ समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर 38.30 लाख रुपये बरामद किए थे। डकैती का केस दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया था।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि इस घटना में मंगलवार को गौरव चौधरी निवासी गांव दस्तोई हापुड़, शक्ति ठाकुर निवासी गुलावठी बुलंदशहर और नवीन गौतम निवासी गंगापुरा थाना कोतवाली हापुड़ को गिरफ्तार किया गया है। गौरव चौधरी कारोबारी से लूटपाट के दौरान घटनास्थल पर मौजूद था। उसके कब्जे से 90 हजार रुपये व तमंचा बरामद हुआ है। जबकि शक्ति ठाकुर और नवीन गौतम से डकैती से 60 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक गौरव चौधरी का पिता अशोक पव्वा भी कुख्यात बदमाश है। उस पर भी संगीन धाराओं में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन वह 12-14 वर्षों से फरार चल रहा है।
घटना के बाद वैशाली में रुके थे आरोपी
एसपी सिटी ने बताया कि कारोबारी से कैश लूटने के बाद पूर्व विधायक का बेटा सतेंद्र उर्फ बॉबी, अरविंद त्यागी, गौरव चौधरी व एक अन्य आरोपी मेरठ के आबूलेन पहुंचे और वहां नामी कंपनी के शोरूम से 18 हजार के कपड़े खरीदे। इसके बाद वह वैशाली के एक होटल में रुके, जहां शक्ति ठाकुर उन्हीं के साथ रात में रुका था। शक्ति व नवीन ने आरोपियों को बचाने के एवज में उनसे पैसे लिए और पुलिस पर दबाव बनाया। होटल की फुटेज के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इनसेट......
पुलिस पर फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप
वहीं, पत्रकार शक्ति ठाकुर व नवीन गौतम का कहना है कि घटना वाले दिन पुलिस ने ही मामले को लूटपाट का नहीं, बल्कि पैसों के विवाद में मारपीट का बताया था। एक आरोपी उनका दोस्त था, लिहाजा वह उससे मिलने होटल गए थे। अगर उन्हें लूट का पता होता तो वह कभी नहीं जाते। रकम की बरामदगी के लिए वह खुद एक आरोपी को लेकर थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
कोट......
आरोपियों से डेढ़ लाख रुपये की बरामदगी हुई है। जो इनसे रकम लूटी थी वो पैसे कारोबारी से लूटी गई रकम का ही हिस्सा थी। घटना के षड्यंत्र और डकैती की रकम बरामदगी के आरोप में तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। - निपुण अग्रवाल, एसपी सिटी