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एयरपोर्ट पर गूंजा वंदेमातरम, वतन वापसी पर छाई खुशी

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एयरपोर्ट पर गूंजा वंदेमातरम, वतन वापसी पर छाई खुशी
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साहिबाबाद। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद फंसे भारतीय नागरिकों को मंगलवार शाम सी-17 ग्लोब मास्टर से हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर सुरक्षित एयरलिफ्ट किया गया। विमान शाम चार बजे जामनगर होते हुए यहां पहुंचा। यात्रियों के विमान से बाहर आते ही भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे से एयरपोर्ट गूंज उठा।
डर के साये से निकल अपने वतन पहुंचने की खुशी नागरिकों के चेहरे पर दिख रही थी। गुलाब के फूलों की बौछार कर उनका स्वागत किया गया। कई नागरिकों ने एयरपोर्ट उतरते ही अपनी धरती को सिर झुकाकर नमन किया। वायुसेना ने कड़ी सुरक्षा के बीच आईटीबीपी जवान, एंबेसी के स्टाफ, सिक्योरिटी इंचार्ज को बस व अन्य वाहनों से अपने गंतव्य की तरफ रवाना किया।
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मंगलवार सुबह ही बुलंदशहर से रविंद्र शर्मा अपनी पत्नी शैली शर्मा के साथ चाचा तेजेंद्र शर्मा को लेने एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे थे। तेजेंद्र शर्मा काबुल दूतावास पर सिक्योरिटी इंचार्ज के रूप में तैनात थे। वहीं वैशाली निवासी मधु गुप्ता अपने पति के साथ बेटी कनिका को लेने के पहुंचीं थीं। वह अपने साथ लड्डू लाई थीं। वैशाली सेक्टर-2 निवासी मधु गुप्ता ने बताया कि उनकी बेटी कनिका गुप्ता फ्रीलांस जर्नलिस्ट हैं। दो महीने पहले ही कनिका काबुल में पत्रकारिता करने गई थीं। यहां पर घर पर सभी कनिका से फोन पर बात कर रहे थे। लेकिन एक हफ्ते पहले अचानक तालिबान ने अफगानिस्तान पर हमला कर दिया। इससे माहौल पूरा बिगड़ गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। जैसे-जैसे काबुल से सूचनाएं आ रही थीं, ठीक वैसे ही परिवार के लोगों में बेचैनी बढ़ती जा रही थीं। रविवार को भारत सरकार ने सभी भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने का फैसला किया तो उन्हें एक उम्मीद बंधी। इसके बाद परिवार के लोग सरकार के संपर्क में आ गए।
मां ने बेटी को लड्डू खिलाकर किया स्वागत
मंगलवार सुबह मधु अपने पति के साथ बेटी को लेने के लिए हिंडन एयरफोर्स स्टेशन के बाहर पहुंच गईं। दोपहर 12 बजे कनिका से फोन पर बात हुई तो बताया कि काबुल से विमान उड़ चुका है और अब जामनगर से वाया हिंडन एयरफोर्स पहुंचेगा। इस खबर ने मधु और उनके पति के लिए खुशी का ठिकाना नहीं छोड़ा। दोनों हिंडन स्टेशन के बाहर पेड़ के नीचे बैठकर बेटी के आने का इंतजार करते रहे। शाम करीब साढ़े छह बजे वायुसेना के अधिकारी अन्य भारतीयों के साथ बाहर लेकर आए तो मधु और उनके पति ने कनिका को सबसे पहले लड्डू खिलाकर स्वागत किया। बताया गया कि एंबेसी के अधिकारियों ने कनिका समेत सभी भारतीयों को अपना सामान लाने से मना कर दिया था।
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अफवाहों पर ध्यान मत दो
काबुल दूतावास पर तैनात रहे आईटीबीपी सिक्योरिटी इंचार्ज तेजेंद्र शर्मा के भतीजे रविंद्र शर्मा बुलंदशहर में परिवार के साथ रहते हैं। मंगलवार को रविंद्र अपनी पत्नी शैली के साथ हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि एक वर्ष पहले ही चाचा तेजेंद्र अफगानिस्तान गए थे। वहां रहने के दौरान फोन पर लगातार बात होती थी। मगर तालिबान के अचानक हमला करने के बाद उनके होश उड़ गए। व्हाट्सएप पर कॉलिंग कर बात की तो तेजेंद्र शर्मा ने कहा था कि अफवाहों पर ध्यान मत दो, मैं और पूरा स्टाफ दूतावास के अंदर बिल्कुल सुरक्षित हूं। लेकिन उनके आने का साफ नहीं हो रहा था। मीडिया से बातचीत में रविंद्र ने बताया कि चाचा उन्हें रोजाना का मंजर बताते थे। किस तरीके से तालिबानी चप्पल पहने और हाथ में एके 47 लेकर किसी को भी जान से मार देते हैं। चारों ओर दहशत का माहौल है। मंगलवार को हिंडन एयरबेस पहुंचने पर रविंद्र और उनके स्वजन ने राहत की सांस ली। विमान जब पहुंचा तो एयरपोर्ट के बाहर मौजूद लोगों ने फूलों से स्वागत किया। भीड़ होने की वजह से जाम लग गया।
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