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संपत्ति की खातिर भाई को छिपा बताया कोरोना से मौत

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संपत्ति की खातिर भाई को
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छिपा बताया कोरोना से मौत
गाजियाबाद। भाई की संपत्ति हथियाने के लिए दिल्ली निवासी दो बहनों ने अपने भाई अमित दहिया को घर में छिपाकर उसकी कोरोना से मौत दिखा दी। नशे की लत छुड़ाने के लिए पत्नी ने अमित को राजनगर एक्सटेंशन स्थित नशा मुक्ति केंद्र में छिपाया था। आरोपी बहनों ने केंद्र के मैनेजर के साथ मिलकर साजिश रची थी। पीड़ित पत्नी मृत्यु प्रमाणपत्र लेने पहुंची तो नशा मुक्ति केंद्र के मालिक ने वीडियो कॉल कर पति को जिंदा दिखाया। पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर नंदग्राम पुलिस ने मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि ननदों की तलाश की जा रही है।
नांगलोई, दिल्ली के राजेंद्र पार्क एक्सटेंशन निवासी पूजा का कहना है कि नौ मार्च 2012 को उनकी शादी अमित दहिया से हुई थी। सास-ससुर की मौत के बाद पति व उनकी दो ननद उन्हें संपत्ति से बेदखल करना चाहती थीं। इसके चलते उन्होंने दिल्ली की कोर्ट में उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का केस डाल रखा है। कोर्ट ने उन्हें ससुराल में रहने का हक दिया हुआ है। पूजा के मुताबिक, पति शुरू से ही नशे के आदी थे। हालत बिगड़ने पर उन्होंने 21 नवंबर 2020 को पति को सेक्टर-112 नोएडा के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। वह पति पर हर माह 25 हजार रुपये खर्च करती थीं। पूजा का कहना है कि 28 अप्रैल 2021 को उनके पास नशा मुक्ति केंद्र से फोन आया। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते वह नशा मुक्ति केंद्र खाली कर रहे हैं, लिहाजा पति को दूसरी जगह ले जाएं। इसके बाद उन्होंने पति को राजनगर एक्सटेंशन के इंद्रप्रस्थ एंक्लेव स्थित सुकल्याण फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया।
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मैनेजर ने पहले कोरोना संक्रमित बताया फिर मौत
पूजा का कहना है कि 6 मई 2021 को नशा मुक्ति केंद्र के मैनेजर सतेंद्र ने उन्हें फोन करके पति को कोरोना होने की बात कही। इसके बाद 9 मई को पति की कोरोना से मौत होने की जानकारी दी। अगले दिन पति का शव लेने नशा मुक्ति केंद्र पहुंचीं तो मैनेजर ने रात में ही अंतिम संस्कार कर देने की बात बताई। मृत्यु प्रमाणपत्र मांगने पर मैनेजर ने एक महीने बाद आने के लिए कहा। साथ ही उसने लेटरपेड पर पूरा विवरण लिखकर एक कॉपी उन्हें दे दी।
केंद्र के मालिक ने वीडियो कॉल पर पति को जिंदा दिखाया
पूजा 27 जून को फिर से नशा मुक्ति केंद्र पर पहुंचीं तो केंद्र का मालिक अमित मिला। मृत्यु प्रमाणपत्र मांगने पर वह चौंक गया। उसने बताया कि उनका पति जिंदा है। दिल्ली निवासी दो बहनें अनीता व सोनिया उनके पति को ले गई थीं। इसके बाद केंद्र मालिक ने पति को जिंदा साबित करने के लिए अनीता को वीडियो कॉल की। उसमें पति ननद के घर पर दिखाई दिया। पूजा का कहना है कि पति को जिंदा देख उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
संपत्ति हथियाने को ननदों ने रची साजिश
पूजा का कहना है कि पति की कोरोना से मौत की सूचना के उन्होंने अपनी दोनों ननदों व सभी रिश्तेदारों को इसके बारे में बताया था। दोनों ने दुख भी जाहिर किया था। इससे जाहिर है कि ननदों ने साजिश के तहत सबकुछ किया। नशा मुक्ति केंद्र के मैनेजर के साथ मिलकर दोनों ननदों ने उनके पति की कोरोना से मौत दिखाई थी। आरोप है कि पति के हिस्से की संपत्ति हथियाने के लिए ननदों ने ऐसा किया। दोनों ननदें उनके पति को नुकसान पहुंचाकर उन्हें व बच्चों को बेघर कर सकती हैं।
पति की आत्मा की शांति को पत्नी ने करा दी पूजा-पाठ
पति की मौत की सूचना पर पूजा ने हरिद्वार जाकर पति की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पाठ भी करा दी। पूजा का कहना है कि इस अनुष्ठान में पति की दोनों बहनें अनीता व सोनिया के अलावा अन्य रिश्तेदारों को भी बुलाया था। दोनों बहनों ने शोक भी जाहिर किया था। पीड़िता का आरोप है कि उन पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन उनकी दोनों ननद उनके पति को घर में छिपाए रहीं।
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कोट
पीड़िता की तहरीर पर उसकी दो ननदों व नशा मुक्ति केंद्र के मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। साहिबाबाद के शिव मंदिर करहैड़ा निवासी मैनेजर सतेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। लालच में आकर मैनेजर दोनों बहनों के साथ साजिश में जुड़ा था। आरोपी ननदों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
- अवनीश कुमार, सीओ द्वितीय
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