देश की पहली रैपिड रेल अप्रैल 2022 तक गाजियाबाद पहुंच जाएगी। तीन से छह महीने तक रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर पर ट्रायल होगा। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने अप्रैल 2023 से साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किलोमीटर पर ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा है।
2025 में पूरे रूट सराय काले खां से मेरठ (82.15 किमी) तक रैपिड रेल चलनी है। एनसीआरटीसी ने गुजरात के सावली प्लांट में तैयार कर रही बॉम्बार्डिर ट्रांसपोर्टेशन इंडिया लिमिटेड से एक साल पहले रेल मांगी है। कंपनी ने देने की मंजूरी दे दी है।
कंपनी की तरफ से कहा गया है कि वो अगले वर्ष अप्रैल तक हर हाल में पहली रैपिड रेल तैयार करके दे देगी। कोशिश रहेगी कि इससे भी एक-दो महीने पहले तैयार करके ट्रेन दे दे। यह कवायद रेल ट्रैक, सिग्नल व ऑपरेशन कंट्रोल रूम के जरिए ट्रेनों का नियमित रूप से संचालन करने की दिशा में टेस्टिंग (परीक्षण) करने का हिस्सा है।
एनसीआरटीसी के अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक से लैस देश में पहली बार रैपिड रेल का संचालन होना है। अप्रैल 2023 से नियमित रूप से यात्रियों के लिए रेलों का संचालन शुरू हो, इसके लिए जरूरी है कि रेल लाइन, सिग्नल और जहां से रेलों के संचालन की निगरानी की जानी है, उसका ट्रायल किया जाए। कॉरिडोर पर काम कर रहे इंजीनियरों की टीम ने सलाह दी कि ट्रायल के लिए कम से कम एक वर्ष का समय मिलना चाहिए, जिसके बाद निर्माण कंपनी से एक वर्ष पहले रेल मांगी गई है।
दिसंबर तक 17.25 का रूट होगा तैयार
समय से ट्रायल शुरू हो सके, इसके लिए भी कॉरिडोर को पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। इसी वर्ष दिसंबर तक साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17.25 के रूट के पिलर व रेल ट्रैक बनकर तैयार हो जाएगा। करीब 700 पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। वायडक्ट के करीब सात किलोमीटर के हिस्से का निर्माण हो चुका है। बाकी हिस्से का निर्माण दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद सिग्नल लगाने का काम शुरू होगा। फिर रेल का संचालन शुरू कर टेस्टिंग का कार्य शुरू होगा।
दुहाई डिपो का ट्रायल भी अगले साल अप्रैल में
एनसीआरटीसी ने रेल कॉरिडोर के साथ डिपो का ट्रायल भी अगले साल अप्रैल से शुरू करने का लक्ष्य रखा है। 50 हेक्टेयर जमीन पर तैयार हो रहे डिपो का निर्माण अप्रैल 2020 से चल रहा है। डिपो में ही ट्रेनों के परिचालन व रखरखाव के लिए स्टेबलिंग व इंस्पैक्शन लाइन और कंट्रोल केंद्र तैयार होगा। आरआरटीसी कॉरिडोर की रेल लाइन भी दुहाई में उतारी जा चुकी है, जिनके बिछाने का काम जारी है। डिपो में एक समय के अंदर 12 रेल के खड़े होने की व्यवस्था होगी। पांच लाइन बिछाई जा रही है, जिनमें तीन इंस्पैक्शन (परीक्षण) लाइन और दो वर्कशॉप लाइन शामिल हैं। कॉरिडोर के बीच में रेलवे स्टेशनों का निर्माण कार्य चलता रहेगा। इस दौरान पूरे सेक्शन में पड़ रहे चार स्टेशनों का निर्माण चलता रहेगा।
2023 से इन स्टेशन से मिलेगी रैपिड रेल
दुहाई से साहिबाबाद के बीच चार स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसमें दुहाई और साहिबाबाद के अतिरिक्त गाजियाबाद (मेरठ तिराहा) और गुलधर स्टेशन शामिल है। इसमें गाजियाबाद स्टेशन सबसे अधिक 24 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जा रहा है। मेट्रो का रूट रास्ते में पड़ने की वजह से ऐसा किया जा रहा है।
एनसीआरटीसी ने तय किया है कि स्टेशनों के निर्माण के बीच में ही ट्रैक बिछने पर रेल का संचालन कर ट्रायल शुरू कर दिया जाए। इसको लेकर अप्रैल 2022 की समय सीमा भी निर्धारित की गई है। इसके बाद कॉरिडोर पर ट्रैक, सिग्नल, डिपो व ऑपरेशन कंट्रोल रूम की नियमित टेस्टिंग की जाएगी। दिसंबर तक ट्रैक तैयार कर लेंगे। उसके बाद अप्रैल में रेल मिलते ही ट्रायल शुरू होगा।
- पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी