केरल से लौटी नर्स कोरोना संक्रमित
गाजियाबाद। केरल से लौटी वसुंधरा निवासी नर्स कोरोना संक्रमण की चपेट में आई है। नर्स के संपर्क में आए 12 लोगों की जांच की गई है। जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच के लिए नर्स का सैंपल दिल्ली भेजा गया है। इस समय जिले में नर्स सहित 6 संक्रमितों का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। दो दिन पहले लद्दाख घूमकर वापस आया परिवार भी संक्रमण की चपेट में आया था। इनमें किसी भी मामले में निगरानी समिति की ओर से विभाग को सूचना नहीं दी गई। अब तक 55638 लोग संक्रमित हो चुके हैं, इनमें से 55171 स्वस्थ हो चुके हैं। इलाज के दौरान 461 की अब तक मौत हो चुकी है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि युवती के परिवार में माता-पिता और एक बहन है। कुल 12 लोगों की जांच कराई गई है, रिपोर्ट निगेटिव है। उन्होंने बताया कि युवती और उसकी बहन को कोविड वैक्सीन का पहला डोज लगा है। उसके माता-पिता को दोनों डोज लग चुकी है। डीएसओ का कहना है कि युवती में हल्के लक्षण हैं और उसे होम आइसोलेशन में रखकर उपचार किया जा रहा है।
नहीं दे पा रही निगरानी समितियां कोई जानकारी
नर्स फ्लाइट से केरल से वापस आई है। फ्लाइट पकड़ने से पहले केरल में भी जांच भी कराई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके अलावा ट्रेन से आने वाले आने वालों की स्टेशन पर जांच करने के निर्देश हैं, लेकिन कहीं जांच नहीं हो रही है। निगरानी समितियां भी कोई जानकारी नहीं दे पा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग को सिर्फ पैथॉलोजी लैब के जरिए ही संक्रमितों की सूचना मिल रही है। जब तक विभाग को सूचना मिलती है, तब तक संक्रमण फैलने की आशंका बन जाती है।
जिले में 447 समितियां हैं कार्यरत
शासन के निर्देश पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने 447 निगरानी समितियों का गठन किया था। 286 समितियां शहरी क्षेत्र में और 161 ग्रामीण इलाकों में बनाई गई थीं। इन समितियों का काम था उनके क्षेत्र में दूसरे प्रदेश, देश से आए लोगों के बारे में स्वास्थ्य विभाग को सूचना देना। इसके अलावा उनके क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की जानकारी देना और कंटेनमेंट नियमों का उल्लघंन करने वालों की सूचना देना।
देर से मिलती थी सूचना
स्वास्थ्य विभाग को निगरानी समितियों की ओर से बहुत कम सूचनाएं मिलती थीं, जो मिलती थीं वह भी विभाग को जानकारी मिलने के बाद। निगरानी समितियों को स्वास्थ्य विभाग ने सतर्क किया था कि संक्रमण कम है, लेकिन बाहर से आने वाले टीम की निगरानी की जाए। इसके बावजूद समितियां कोई जानकारी अपडेट नहीं कर पा रही हैं।
निगरानी समितियां अपना काम कर रही हैं, लेकिन इधर पांच दिन में मिले संक्रमितों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाई हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि समितियों से समन्वय बनाकर गंभीरता से निगरानी करने के लिए प्रोत्साहित करें।
डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ