पुलिस की गोतस्करों से भिड़ंत, शातिर शानू को लगी गोली
गाजियाबाद। मसूरी व कविनगर क्षेत्र में लगातार दो दिन गोकशी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले गोतस्करों की शनिवार रात मसूरी पुलिस से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान डासना निवासी गोतस्कर शानू पैर में गोली लगने से घायल हो गया। हालांकि, उसका एक साथी फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस के मुताबिक शानू के कब्जे से तमंचा, कारतूस, छुरा व रस्सी बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि अन्य गोतस्करों की भी पहचान कर ली गई है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि रविवार सुबह मसूरी पुलिस को सूचना मिली कि गोतस्कर नाहल इलाके में घूम रहे हैं और किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने निर्धारित स्थान पर घेराबंदी कर दी। गोतस्करों ने खुद को घिरा देख पुलिस पर सीधे फायर झोंक दिया। पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें पैर में गोली लगने से एक गोतस्कर घायल हो गया। जबकि उसका साथी फरार होने में कामयाब हो गया। घायल गोतस्कर की पहचान डासना निवासी शानू के रूप में हुई। एसपी ग्रामीण ने बताया कि शानू ने कबूल किया है कि मसूरी व कविनगर क्षेत्र में हुई गोकशी की घटनाओं में उसका हाथ था। उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। एसपी ग्रामीण का कहना है कि शानू ने अपने साथियों के नाम पुलिस को बताए हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
सफारी का इस्तेमाल, जहां गोवंश मिलता, वहीं कर देते थे गोकशी
शानू ने पूछताछ में बताया कि वह और उसके साथी काले शीशों की सफारी कार लेकर निकलते थे। जहां भी उन्हें गोवंश मिल जाता, वहीं गोकशी कर मांस गाड़ी में लाद लेते और अवशेष मौके पर छोड़कर फरार हो जाते थे। शानू ने पूछताछ में यह भी बताया कि उसके कुछ साथी गुलावठी बुलंदशहर के रहने वाले हैं तथा गोमांस उन्होंने हापुड़ और बुलंदशहर में बेचा था। एसपी ग्रामीण का कहना है कि गोकशी में प्रयुक्त की जाने वाली सफारी कार को बरामद करने की कोशिश जारी है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि एसएसपी के निर्देशानुसार गोतस्करों पर गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, जिला बदर और रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।