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ठंड से बचने को लगाए हीटर ने ले ली जान

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ठंड से बचने को लगाए हीटर ने ले ली जान
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गाजियाबाद। प्रताप विहार सेक्टर-11 एच-ब्लॉक में जीडीए की दस मंजिला इमारत में जीडीए के सुपरवाइजर, उनकी पत्नी व दिव्यांग भाई की जान ठंड से बचने को लगाए गए हीटर ने ही ले ली। पुलिस का मानना है कि हीटर में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के साथ-साथ लोहे के पाइप से बने पलंग में करंट भी उतरा, जिसकी चपेट में आने से उनकेमुंह से चीख तक नहीं निकल सकी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार का कहना है कि हीटर के केबल में ब्रस्ट मिला है। ऐसे में संभावना है कि हीटर से आग लगी हो। पुलिस का भी कहना है कि प्रथमदृष्ट्या शॉर्ट सर्किट से लगी आग में तीनों की जान गई है। फिर भी सभी बिंदुओं पर मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल के आस-पास सीसीटीवी कैमरे खंगालकर घटना के दौरान और घटना के पहले की हलचल के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। घटनास्थल पर तीनों की लाशें जले हुए हीटर के दो एक एक मीटर के दायरे में ही पड़ी थीं। एक शव पलंग के बीच मेें पड़ा था। यानी कि जिस वक्त हीटर में ब्लास्ट से करंट दौड़ा तब एक पलंग पर सो रहा था।
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टीवी में भी हुआ ब्लॉस्ट
एसपी सिटी डॉ. मनीष मिश्र ने बताया कि सुपरवाइजर के फ्लैट में लगा टीवी काफी पुराना है। टीवी की स्क्रीन टूटी मिली है। ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे उसमें ब्लास्ट हुआ हो। आसपास के लोगों ने भी कुछ टूटने की आवाज सुनी थी। हो सकता है कि टीवी में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। वहीं,
मौत ऐसी कि चीख मची न पुकार
घटना अपने आप में कई सवाल भी खड़े कर रही है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि तीन लोग जिंदा जल गए और किसी ने उनकी चीख-पुकार तक नहीं सुनी।
बच्चे गए थे नाटक मंडली में
परिजनों के मुताबिक जीडीए सुपरवाइजर बच्चू सिंह अपने परिवार व छोटे भाई नारायण के साथ फ्लैट में रहते थे। बच्चू सिंह के परिवार में पत्नी रानी के अलावा दो बेटे गुलशन (22), प्रथम (16) तथा बेटी राखी (17) है। तीनों बच्चे नाटक मंडली में काम करते हैं और पांच दिन पहले ही रामलीला मंचन करने राजस्थान गए थे। लोगों का कहना है कि फ्लैट पर अगर तीनों बच्चे भी घर पर ही होता तो दर्दनाक हादसा और भी भयावह हो सकता था।
बिजली व फ्लैट दोनों अनाधिकृत
बताया जा रहा है कि जीडीए की दस मंजिला इमारत में हादसा हुआ, उसमें अभी फ्लैटों का आवंटन नहीं हुआ है। जीडीए का सुपरवाइजर करीब छह महीनों से फ्लैट में अनाधिकृत रूप से रह रहा था। वहीं, यह भी चर्चा है कि जिस फ्लैट में हादसा हुआ, उसमें बिजली का कनेक्शन नहीं है। स्थानीय बिजली कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से बिजली आपूर्ति चल रही थी।
पुताई का काम करता था दिव्यांग भाई
परिजनों के मुताबिक बच्चू सिंह छह भाईयों में दूसरे नंबर के थे। सबसे बड़े देवीदीन गुजरात में गार्ड की नौकरी करते हैं। तीसरे नंबर के भाई राजाराम की पूर्व में मौच हो चुकी है। चौथे नंबर का दिव्यांग भाई नारायण बच्चू सिंह के साथ रहकर पुताई का काम करता था। पांचवें नंबर का भाई छोटेलाल विजयनगर के कैलाशनगर में रहकर रंगाई पुताई का काम करता है। सबसे छोटा भाई बाबू गांव में खेतीबाड़ व मजदूरी करता है।
मांस के लोथड़ों में तब्दील हुए तीनों, मौके पर पहुंची भीड़
फ्लैट से धुआं छंटने के बाद लोगों को हादसे का पता चला तो लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। जलकर मांस के लोथड़ों के रूप में हो चुके तीन लोगों को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसी बीच पुलिस पहुंची तो लोग पूछताछ से बचने के लिए वापस अपने फ्लैट में घुस गए।
सूचना मिलने के बाद रिसीव नहीं हुआ बच्चों का फोन
रामलीला मंचन करने गए बच्चू सिंह के तीनों बच्चों को हादसे की जानकारी दी गई तो बिलख-बिलख कर रोने लगे। बच्चू के छोटे भाई छोटेलाल का कहना है कि उन्होंने भतीजी राखी को फोन करके घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद कई बार फोन मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। परिजनों के मुताबिक हादसे की सूचना के बाद तीनों बच्चे अपनी मंडली के साथ गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए हैं।
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इनसेट ....
मुख्यमंत्री ने दिए तत्काल सहायता मुहैया कराने के निर्देश
प्रताप विहार में हुई घटना पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने दंपती सहित तीन लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त की। जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री का निर्देश मिलने के बाद पीड़ित परिवार को मदद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं।
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