विजयनगर क्षेत्र के प्रताप विहार सेक्टर-11 में मंगलवार शाम जीडीए की दस मंजिला इमारत के फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग लग गई जिसमें जीडीए के सुपरवाइजर, उनकी पत्नी व दिव्यांग भाई की जिंदा जलकर मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने शॉर्ट सर्किट से आग लगने का अंदेशा जताया है।
मूलरूप से बांदा जिले के गांव सुखतारा निवासी बच्चू सिंह (48) पुत्र बल्लू जीडीए में सुपरवाइजर थे। वह प्रताप विहार सेक्टर-11 एच-ब्लॉक स्थित जीडीए की दस मंजिला इमारत के फर्स्ट फ्लोर स्थित फ्लैट नंबर-017 में परिवार सहित रहते थे। पत्नी रानी (45) व तीन बच्चों के अलावा दिव्यांग भाई नारायण (40) भी उनके साथ रहता था। तीनों बच्चे पांच दिन से राजस्थान गए हुए हैं। मंगलवार को बच्चू पत्नी व भाई के साथ फ्लैट पर थे।
शाम करीब सवा 6 बजे लोगों ने फ्लैट से धुआं व लपटें निकलती देख चौकीदार ने शोर मचा दिया। लोग इकट्ठा होकर आग बुझाने लग गए। आग बुझने पर देखा तो बच्चू सिंह, उनकी पत्नी रानी व भाई नारायण बुरी तरह जले हुए मृत पड़े थे। सूचना पर पुलिस व दमकल विभाग की गाड़ी मौकेपर पहुंची। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह, एसपी सिटी मनीष मिश्र, सीओ प्रथम धर्मेंद्र चौहान, एसएचओ विजयनगर नागेंद्र चौबे पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
पलंग के इर्द गिर्द मिले शव, नीचे था हीटर
पुलिस के मुताबिक तीनों शव लोहे के पाइप से बने पलंग के ईर्द-गिर्द पड़े मिले। पास ही हीटर भी मिला। मानना है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी और साथ ही करंट भी दौड़ गया। जिससे किसी को बचने का मौका नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि मुताबिक पास ही शराब की बोतल व चने बिखरे मिले, जिन्हें कब्जे में ले लिया है। मौके पर गए तो फ्लैट का गेट खुला मिला और टीवी चलता मिला। जबकि कमरे में तीनों की जली हुए शव पड़े थे।
प्रथमदृष्ट्या प्रतीत हो रहा है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी है और उसमें जलकर तीन लोगों की मौत हुई है। फील्ड यूनिट की टीम ने मौकेसे साक्ष्य जुटाए हैं। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
- डॉ. मनीष मिश्र, एसपी सिटी