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निगम पार्षद ने अधिशासी अभियंता पर तानी पिस्टल

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स्ट्रीट लाइट पर विवाद, पार्षद ने निगम इंजीनियर पर तानी पिस्टल
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गाजियाबाद। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर नगर निगम में बृहस्पतिवार को बड़ा विवाद हो गया। लोहिया नगर क्षेत्र में खराब स्ट्रीट लाइटों की शिकायत लेकर नगर निगम मुख्यालय पहुंचे स्थानीय पार्षद और प्रकाश विभाग के अधिशासी अभियंता में गाली-गलौज तक हो गई। आरोप है कि पार्षद ने आपा खोकर न केवल अधिशासी अभियंता से गाली-गलौज की, बल्कि उन पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल भी तान दी। वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह मामला शांत कराया। अधिशासी अभियंता ने नगरायुक्त और महापौर से पार्षद की शिकायत की है। वहीं पार्षद ने भी नगरायुक्त से अधिकारी की शिकायत की।
मामला बृहस्पतिवार दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे का है। लोहिया नगर क्षेत्र वार्ड-69 के कांग्रेस पार्षद जितेंद्र पाल क्षेत्र में खराब स्ट्रीट लाइटों की शिकायत लेकर नगर निगम मुख्यालय पहुंचे थे। उन्होंने प्रकाश विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज प्रभात से 50 स्ट्रीट लाइटों की डिमांड की। उनका कहना है कि उनके वार्ड के औद्योगिक क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाए जाने का काम कराया गया है। अभी भी 100 लाइटें लगना बाकी है। इसमें से उन्होंने 50 स्ट्रीट लाइटें मांगी थीं। मनोज प्रभात ने नगरायुक्त से स्वीकृति लेने के बाद लाइटें देने की बात कही तो पार्षद जितेंद्र पाल का गुस्सा भड़क गया। वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पार्षद जितेंद्र पाल ने निगम इंजीनियर को गाली देनी शुरू कर दी। गुस्से में आपा खोकर उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्टल अधिशासी अभियंता पर तान दी और जान से मारने की धमकी दी। दोनों में विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद लोगों ने उन्हें किसी तरह शांत कराया। इस घटना से नगर निगम में हड़कंप मच गया। अधिशासी अभियंता मनोज प्रभात और पार्षद जितेंद्र पाल दोनों ने नगरायुक्त से शिकायत की है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता मनोज प्रभात का कहना है कि पार्षद की डिमांड पर स्ट्रीट लाइटें देने के लिए नगरायुक्त से स्वीकृति मिलनी बाकी थी। उन्हें बताया गया कि स्वीकृति लेकर शुक्रवार को लाइटें दे दी जाएंगी, लेकिन वह भड़क गए और पिस्टल निकालकर जान से मारने की धमकी दी। नगरायुक्त और महापौर को अवगत करा दिया गया है। पार्षद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। उधर पार्षद जितेंद्र पाल का कहना है कि मेरे वार्ड में लंबे समय से स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। सड़कों पर अंधेरा रहता है। प्रकाश विभाग के अधिशासी अभियंता से कई बार लाइटें मांग चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। बृहस्पतिवार को कहासुनी हुई है, लेकिन पिस्टल तानने का आरोप निराधार है।
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अधिकारियों का मनोबल नहीं गिरने देंगे
पिस्टल लेकर नगर निगम में आना और फिर उसे अधिकारियों पर तानकर डराना बेहद गलत कदम है। अगर पार्षद को अधिशासी अभियंता से शिकायत थी तो वह नगरायुक्त या मेरे पास आकर शिकायत करते। मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे, अधिकारियों का मनोबल नहीं गिरने देंगे। - आशा शर्मा, महापौर
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