फर्जीवाड़ा कर कैबिनेट मंत्री के रिश्तेदार के फ्लैट पर निकाला लोन
गाजियाबाद। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के रिश्तेदार के फ्लैट पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोन लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित को फर्जीवाड़े का पता उस वक्त चला जब लोन चुकता न होने पर हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ने फ्लैट पर संपत्ति जब्त करने का नोटिस चस्पा कर दिया। पीड़ित की तहरीर पर विजयनगर पुलिस ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के एमडी, उसके भाई व लोन लेने वाले व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में ख्यानत का मुकदमा दर्ज किया है।
मुरादाबाद के मंझोला में रहने वाले नीरज खन्ना एक्सपोर्ट कारोबारी हैं। वह मिनस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल द्वारा हैंडीक्राफ्ट्स को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स की कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन केसदस्य भी हैं। नीरज के मुताबिक उनके छोटे भाई की शादी कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना की भतीजी से हुई है। उनका कहना है कि मैसर्स ड्रीम लैंड प्रमोटर्स एंड कंसलटेंट्स प्रा.लि ने डूंडाहेड़ा में प्रोजेक्ट ड्रीम लैंड के नाम से फ्लैट बनाए थे। कंपनी के एमडी संजीव व उनके भाई पवन हैं। नीरज का कहना है कि उन्होंने भाई शैलेष के साथ मिलकर ड्रीम लैंड में एक फ्लैट खरीदा था। 40.18 लाख रुपये पूरी कीमत अदा करने के बाद बिल्डर ने उन्हें अलॉटमेंट लेटर व एनओसी भी दे दी। इसके बाद उन्होेंने फ्लैट पर ताला लगाकर कब्जा भी ले लिया।
फ्लैट पर बैंक का नोटिस देख उड़ होश
नीरज खन्ना का कहना है कि 23 अप्रैल 2019 को फ्लैट पर पहुंचे तो पीएनबी एचएफएल (हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड) का नोटिस चस्पा मिला। इसमें जिक्र था कि रवि शर्मा ने फ्लैट पर 30 लाख का बंधक लोन लिया था। लोन न चुकाने पर फ्लैट पर 22 सितंबर 2017 से हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का कब्जा है। नीरज का कहना है कि पीएनबी एचएफएल को नोटिस भेजने पर कोई जानकारी नहीं दी गई। वित्त मंत्रालय ने भी संतोषजनक जानकारी नहीं दी।
आईटीआर से लेकर लोन निकालने तक फर्जीवाड़ा
नीरज खन्ना का आरोप है कि बिल्डर ने रवि शर्मा नाम के व्यक्ति को फ्लैट का फर्जी अलॉटमेंट लेटर देकर लोन कराया। साथ ही फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों की भी मिलीभगत रही, क्योंकि रजिस्ट्री के वक्त फ्लैट पर कोई लोन नहीं था और फाइनेंस कंपनी ने लोन लेने वाले रवि शर्मा की आईटीआर भी आयकर विभाग से सत्यापित नहीं कराई। एसएचओ विजयनगर नागेंद्र चौबे का कहना है कि ड्रीम लैंड के एमडी पवन, संजीव और रवि शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोनों एमडी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके मोबाइल बंद मिले।