रेड एप्पल रेजिडेंसी के 400 फ्लैट खरीदारों को 9 साल बाद भी नहीं मिला आशियाना
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन के रेड एप्पल रेजिडेंसी प्रोजेक्ट में जीवनभर की पूंजी लगाने के बाद 400 फ्लैट खरीदारों को नौ साल बाद भी सिर पर छत नसीब नहीं हो सकी है। एक-एक पाई जोड़कर और बैंक से लोन लेकर लोगों ने रेड प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदा था, लेकिन बिल्डर की धोखाधड़ी के कारण 2021 में भी घर का पजेशन नहीं मिला है। फ्लैट खरीदारों ने बिल्डर पर 164 मुकदमे दर्ज कराए हैं। रेरा के आदेश पर जिला प्रशासन बिल्डर की आरसी जारी कर चुका है।
खरीदारों की मंजूरी के बगैर फ्लैट पर करा दिया लोन
फ्लैट खरीददार अनिल सिंह का कहना है कि बिल्डर ने फ्लैट खरीदारों के साथ सरासर धोखाधड़ी की है। एक फ्लैट कई लोगों को बेच दिया। बिल्डर की बड़ी राष्ट्रीयकृत बैंकों से सांठगांठ के चलते फ्लैट खरीदारों की मंजूरी के बिना लोन कराकर पैसा अपने खातों में ट्रांसफर करा लिया गया। लोग 60 से 80 फीसदी तक पैसा जमा कर चुके हैं। नियमित रूप से फ्लैट खरीददार बैंक की किस्त जमा कर रहे हैं, लेकिन प्रोजेक्ट का काम कई सालों से पूरी तरह से बंद है। रेरा के आदेश पर जिला प्रशासन की ओर से भी करीब 16 और 7.08 करोड़ की दो आरसी जारी की गई हैं।
फरवरी में लगा गैंगस्टर, सुप्रीम कोर्ट ने हटाई गिरफ्तारी पर लगी रोक
रेड एप्पल फ्लैट खरीदारों की शिकायत पर निवर्तमान डीएम अजय शंकर पांडेय के आदेश से फरवरी में सिहानी गेट एसएचओ कृष्ण गोपाल शर्मा ने मैसर्स आइडिया बिल्डर के निदेशक प्रतीक जैन, अक्षय जैन और मुकेश गोस्वामी पर सिहानी गेट पुलिस ने गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज कराते हुए तीनों बिल्डर्स पर फ्लैट के नाम पर रकम ऐंठने का गंभीर आरोप लगाया था। दूसरी ओर हाईकोर्ट के बिल्डर प्रतीक जैन सहित अन्य की अग्रिम जमानत के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लगाई जा चुकी है। गैंगस्टर की कार्रवाई से पहले तहसीलदार सदर प्रवर्धन शर्मा ने मैसर्स आइडिया बिल्डर्स के पांच निदेशकों के खिलाफ हाल ही में सिहानी गेट थाने में धोखाधड़ी और अमानत में ख्यानत का केस दर्ज कराया था।
600 करोड़ के घोटाले का आरोप लगा सीबीआई से जांच की मांग:
रेड एप्पल रेजीडेंसी के फ्लैट खरीदार इंसाफ के लिए सभी जतन कर चुके हैं। अब फ्लैट खरीदारों की मांग बिल्डर की संपत्तियां बेचकर पैसा वापस दिलवाने की है। फ्लैट खरीदारों का आरोप है कि आइडिया बिल्डर्स ने उनके साथ कई अन्य प्रोजेक्ट में सैकड़ों लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी की है। प्रोजेक्ट में एक फ्लैट को कई खरीदारों को बेच दिया है। ऐसे में फ्लैट खरीददारों ने मामले में 600 करोड़ से अधिक के घोटाले का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।