हिंडन से गिरने वाले दस नालों की पहले चरण में होगी सफाई
गाजियाबाद। इस साल बरसात के दौरान शहर में जलभराव नहीं होगा। नगर निगम ने इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। शहर के उन 20 से ज्यादा बड़े नालों की तली तक सफाई कराई जा रही है, जिन पर पूरे शहर के पानी को ढोहने का जिम्मा है। पहले चरण में इन नालों की सफाई कराकर नगर निगम उन 10 नालों का बायोरेमेडिएशन (जैविक शोधन) कराएगा जो हिंडन नदी में जाकर मिलते हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि पार्षदों, आरडब्लयूए संगठन, मीडिया और व्यापारी वर्ग से मिलने वाली शिकायतों पर नालों की सफाई का यह प्लान बनाया गया है।
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि शहर के पांचों जोन में सुपर जोनल प्रभारियों की देखरेख में नालों की सफाई कराई जा रही है। सफाई का यह काम पूरा हो जाने के बाद 10 नालों का बायोरेमेडिएशन का काम शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बीते दिनों शहीदनगर क्षेत्र के प्रमुख नाले की सफाई कराई गई थी। इसके बाद सभी जोन में अन्य नालों की सफाई का काम शुरू करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि हिंडन नदी में मिलने वाले नाले जिसमें मोहननगर जोन स्थित करहेड़ा, अर्थला व सिटी फॉरेस्ट के गेट से होकर जाने वाले नाले का, सिटी जोन में कैलाभट्टा व नंदग्राम के नाले का, विजयनगर जोन में सर्वोदय नगर, राहुल विहार व डासना के नाले का, वसुंधरा जोन में इंदिरापुरम स्थित नाले का जैविक शोधन जल्द ही शुरू कराया जाएगा। नालों के शोधन के लिए करीब 10 करोड़ रुपये का बजट पहले ही आवंटित किया जा चुका है ताकि बीच में काम न रुके। नालों के जैविक शोधन की योजना से नालों के पानी को शुद्ध किया जाएगा ताकि नालों से निकलने वाली गैस को शुद्ध कर शहर को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके। इस योजना से हिंडन नदी भी स्वच्छ होगी।