17 मोबाइल फोनों की जांच में यह भी पता चला कि समीर को वीडियो शूट करने और दूरस्थ लोकेशन भेजने के तरीके सिखाए गए थे। पकड़े गए 21 संदिग्ध जासूसों में समीर ने सबसे अधिक सामग्री दुश्मन देश के गैंगस्टर को भेजी थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले ही दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशनों पर ऐसे कैमरे लगा चुके थे। ये कैमरे प्लेटफॉर्म पर करीब 20 फीट की ऊंचाई पर लगाए जाते थे, ताकि एक साथ कई प्लेटफॉर्म और ट्रेनों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
14 मार्च को दिल्ली कैंट और 18 मार्च को सोनीपत रेलवे स्टेशन से ऐसे कैमरे हटाए गए। इसके अलावा करीब 50 अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के कैमरे लगाने की योजना थी।
आरोपियों के मोबाइल फोन से देश विरोधी क्रियाकलापों की वीडियो व फोटो बरामद किए गए हैं। इनके मंसूबे काफी गंभीर और देश की संप्रभुता व अखंडता को खतरे में डालने की थी। समय रहते टीम ने इनको गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य) और 61 (2) आपराधिक साजिश और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) की धारा 18 भी लगा दी गई हैं।
-जे. रविंदर गौड़, पुलिस आयुक्त