पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहीदनगर मेट्रो स्टेशन के पीछे रावल पिण्डी गार्डन के 218/4 मकान संख्या में करीब 200 वर्गगज के भूखंड पर निर्माण कार्य चल रहा था। यह भूखंड विपुल सोनी का है। पूरे भूखंड पर गोदाम नुमा ढांचे के लिए लेंटर डाला जा रहा था। सोमवार को दिन में ही लेंटर डालने का काम शुरू हुआ था। आधे से अधिक हिस्से में काम हो चुका था। शाम साढ़े छह बजे के बाद अचानक लिंटर शटरिंग समेत भरभराकर गिर गया। हादसे में मौके पर मौजूद एक बच्चा, महिला व पुरुष कर्मचारी समेत 11 लोग दब गए। लेंटर गिरते ही जोरदार आवाज हुई और मौके पर हड़कंप मच गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और लोगों को बचाने का प्रयास किया। 10 मिनट बाद पुलिस को सूचना मिली। साहिबाबाद थाने, शालीमार गार्डन, लिंक रोड ओर इंदिरापुरम समेत चार थानों के पुलिसकर्मी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल टीम और डिजिटल वॉलेंटियर फोर्स के जवान बुलाए गए। क्रेन व अन्य उपकरणों से मलबा हटाते हुए लोगों को निकालना शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे में सभी घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राज करन नय्यर ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस समेत बचाव टीमों को मौके पर रवाना किया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। राहत कार्य के बाद जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिना सपोर्ट के 25 फुट ऊंचाई पर डाला जा रहा था लेटर का मसाला
डीसीपी ने बताया प्लाट का क्षेत्रफल 200 वर्गगज है। यहां पर बिना किसी ठोस सपोर्ट और करीब 25 फीट ऊंचाई पर लेंटर डाला जा रहा था। इस कारण हादसा हुआ और लोग घायल हाे गए। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। शिकायत मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाएगी। विपुल को हिरासत में लिया गया है। वही आसपास के लोगों ने शुरुआत में पहुंचकर खुद ही राहत कार्य शुरू कर दिया था।
रात 10 बजे तक पूरा किया गया राहत कार्य
डीसीपी ने बताया 8 बजे तक सभी घायलों को मलबे में से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। लेकिन इसके बाद भी किसी के दबे होने की आशंका के मद्देनजर देर रात तक पुलिस, दमकल, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ ने रेस्क्यू आपरेशन चलाया। रात 10 बजे तक पूरा कार्य के लिया गया, इसमें एक क्रेन, एक जेसीबी, ओर एनडीआरएफ ग्लेनेडर से सरिया काटकर सारी चेकिंग प्रक्रिया पूरी कर लीं।