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Ghaziabad: वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार, संभल में बदले जाते थे चोरी के वाहनों के इंजन और चैसिस नंबर

Fri, 08 Jul 2022 06:13 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना पुनीत उर्फ गुड्डू इंदिरापुरम थाने से फरवरी 2022 में वाहन चोरी के एक मामले में 15 हजार का ईनामी है। 
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सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media
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विस्तार
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क्राइम ब्रांच ने वसुंधरा एलिवेटेड रोड से अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के सरगना पुनीत उर्फ गुड्डू समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुनीत इंदिरापुरम थाने से फरवरी 2022 में वाहन चोरी के एक मामले में 15 हजार का ईनामी है। गिरोह दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर व अन्य जनपदों से चार पहिया वाहन चोरी करके संभल में शहंशाह उर्फ राजा व आरिफ कबाड़ी के पास भेजकर चैसिस व इंजन नंबर बदलवा देता था। बाद में इन वाहनों को छत्तीसगढ़, राजस्थान और हरियाणा में सस्ते दाम में बेच देता था।
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क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने बताया कि एलिवेटेड रोड के नीचे से टीम ने पिता-पुत्र वसीम अल्वी और अकरम अल्वी, दूर का रिश्तेदार साहिल अल्वी निवासी शरद सिटी लोनी व पुनीत उर्फ गुड्डू निवासी शताब्दीनगर सेक्टर- 4 थाना परतापुर मेरठ को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की स्विफ्ट डिजायर, वैग्नआर और ईको कार बरामद की है। पूछताछ में पता चला कि पुनीत ही मास्टरमाइंड है। वह छह-सात सालों में गिरोह के साथ 100 से अधिक गाड़ियों को चोरी कर चुका है। गिरोह में इनके अलावा अमित त्यागी निवासी महादेव सरधना मेरठ, शहंशाह उर्फ राजा, आरिफ कबाड़ी निवासी बहजोई संभल और अमित उर्फ प्यारे लाल शर्मा निवासी गंगा विहार लोनी भी शामिल हैं। यह चारों अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
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चोरी के वाहन को ऐसे लगाते थे ठिकाने 
कई राज्यों में वाहन चोरी करने के दौरान गिरोह विशेष ध्यान रखता था। रेकी के बाद पिछला दरवाजा पेचकस से तोड़कर नकली चाबी से गाड़ी चोरी कर लेता था। इस बीच इलेक्ट्रोनिक्स डिवाइस से जीपीएस सिस्टम भी हटा देते थे फिर लोनी में वसीम और अकरम एक घेर में गाड़ी खड़ी कर वहां नंबर प्लेट बदल देते थे। दो या तीन दिन बाद मौका मिलने पर चोरी की गाड़ी को संभल के बहजोई ले जाकर शहंशाह उर्फ राजा और पिता आरिफ कबाड़ी दोनों चैसिस व इंजन नंबर बदलवा देते थे। इसी तरह मेरठ से अमित त्यागी भी गाड़ी चोरी कर संभल में कबाड़ी के पास भेज देता था। पूरा काम होने के बाद गिरोह गाड़ी के फर्जी कागजात तैयार अमित उर्फ प्यारे लाल शर्मा के माध्यम से छत्तीसगढ़, राजस्थान और हरियाणा में बेच देते थे।

गिरोह में हर किसी का बंटा था कमीशन
क्राइम ब्रांच प्रभारी के मुताबिक, इंदिरापुरम थाने से अंतराज्यीय गिरोह के सरगना लोकेश को फरवरी 2002 में वाहन चोरी के मामले में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उसके बाद गिरोह की जिम्मेदारी पुनीत उर्फ गुड्डू ने ले ली। वह वाहन चोरी के बाद बेचकर कमाए पैसों से सभी सदस्यों को 15 से 25 हजार जबकि संभल के पिता-पुत्र कबाड़ी आरिफ और शहंशाह उर्फ राजा को प्रति गाड़ी के दस हजार रुपये कमीशन देता था।

छत्तीसगढ़ में ऑन डिमांड भेजते थे बुलेरो गाड़ी
गिरोह विभिन्न राज्यों से ऑन डिमांड भी गाड़ी चोरी करता था। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बुलेरो व ऊंची गाड़ियों को चोरी के बाद बेच देते थे। पुलिस का कहना है कि वहां पर खनन के काम में इन गाड़ियों का इस्तेमाल होता है जिस कारण चोरी के वाहन बरामद में दिक्कत होती है।
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