जालसाजी समेत नौ धाराओं में केस
रायपुर पुलिस ने रोहित के खिलाफ जालसाजी समेत नौ धाराओं में केस दर्ज किया है। यह केस तीन जुलाई को सिविल लाइन थाने में दर्ज किया गया। कोर्ट ने इसमें गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। गाजियाबाद पुलिस से मांग की है कि रोहित को उनके हवाले किया जाए।
अपनी वर्दी में आए पुलिसवाले, इंदिरापुरम थाने को दी सूचना
रोहित की तलाश में दूसरे दिन आए छत्तीसगढ़ के पुलिसवाले अपनी वर्दी में थे। उन्होंने सोसायटी में आने से पहले इंदिरापुरम थाने की पुलिस को सूचना भी थी। इस बार उनका रवैया भी बदला हुआ था। सोसायटी में प्रवेश से पहले गेट पर जानकारी दी। मंगलवार को पुलिस वाले सादे कपड़ों में थे और सूचना दिए बगैर आए थे। सोसायटी में प्रवेश के बाद गार्डों से उलझ गए थे। गार्डों ने पुलिस के खिलाफ बंधक बनाने की शिकायत की है।
लोगों ने बताया कि 24 घंटे के भीतर ही पुलिस का रवैया भी बदल गया। पहले दिन किसी से कुछ जानकारी किए बगैर सीधे रोहित के फ्लैट पर पहुंचे थे। दूसरे दिन आसपास के लोगों से बड़े प्यार से पूछा कि किसी को रोहित के बारे में जानकारी है तो बता दे, उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। गार्डों ने पुलिस टीम से आने की वजह जानी और उनके बारे में जानकारी ली। पुलिस ने हर सवाल का जवाब दिया।
इसकी वजह यह मानी जा रही है कि मंगलवार को इंदिरापुरम थाने की पुलिस को सूचना न देना ही छत्तीसगढ़ पुलिस को भारी पड़ा था। गाजियाबाद पुलिस ने इसी पर सवाल किया। इसी से नोएडा पुलिस को रोहित को अपने साथ ले जान का मौका मिला। छत्तीसगढ़ और नोएडा पुलिस में खींचतान हुई थी। दोनों राज्यों की रोहित को अपने साथ ले जानी चाहती थी। बाद में नोएडा पुलिस से गई थी और थाने से जमानत दे दी थी।
सोसायटी की सुरक्षा बढ़ी, जांच के बाद ही प्रवेश
रोहित की गिरफ्तारी पर दो राज्यों की पुलिस में हुए हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद निहो स्काटिस सोसायटी के आरडब्ल्यूए पदाधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। बुधवार को सुरक्षा गार्डों ने बाहरी लोगों को प्रवेश से पहले गहनता से जांच पड़ताल की। जो भी सोसायटी के लोगों का सही नाम और पता या जानकारी नहीं बता सका उसे प्रवेश नहीं दिया गया। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष नरेश छोकर ने बताया कि मेन गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ा दी है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना जांच के प्रवेश नहीं दिया गया।