होटल पर काम करने वाले कैशियर की पीट-पीट कर हत्या
लोनी। गिरी मार्केट कॉलोनी स्थित एक मुस्लिम होटल पर काम करने वाले इमरान (20) की होटल के अंदर बुधवार रात पीट पीट कर हत्या कर दी गई। युवक के साथ स्टाफ द्वारा मारपीट का वीडियो वायरल हुआ है। युवक के परिजनों ने होटल संचालक समेत सात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का पता चलने की बात कह रही है।
मूलरूप से ढकोली जनपद बुलंदशहर में रहने वाले बाबूद्दीन परिवार के साथ लोनी के खुशहाल पार्क कॉलोनी में रह रहे हैं। घर में पत्नी आशिया, एक बेटा इमरान (20) और तीन बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा गाजियाबाद के एक कॉलेज में एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह चार माह से लोनी गिरी मार्केट कॉलोनी स्थित एक होटल पर कैशियर की नौकरी कर रहा था। उसे करीब साढ़े चार सौ रुपये रोजाना मिलते थे। बुधवार रात वह कैश काउंटर पर खड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया है कि होटल मालिक सलाम, छोटा भाई कय्यूम, नौकर अमर, मैनेजर अहसान और तीन अज्ञात लोगों ने एक साथ मिलकर उनके बेटे इमरान के साथ मारपीट की। होटल में काम करने वाले बाबुद्दीन के दामाद राशिद ने परिवार के लोगों घटना के बारे में बताया। उन्होंने इमरान को पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया। यहां हालात गंभीर होने पर उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में रेफर किया गया। जीटीबी अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार के लोग शव को घर ले आए। परिवार के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी थी। बृहस्पतिवार को परिवार के लोगों ने लोनी थाने में होटल संचालक और स्टाफ पर पीट-पीट कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। लोनी कोतवाली एसएचओ अजय चौधरी ने बताया किपोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारणों का पता चलेगा। मारपीट का सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने ले लिया है। तहरीर के आधार पर सलाम, कय्युम, उमर, अहसान और तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
सीसीटीवी कैमरे से छेड़छाड़ का आरोप
परिवार के लोगों ने आरोप लगाए हैं कि घटना के बाद कॉलोनी के कुछ जिम्मेदार लोग होटल पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखा तो, पांच मिनट फुटेज से छेड़छाड़ की गई थी।
एलएलबी की फीस देने में परेशानी होने पर की थी होटल में नौकरी
बाबूद्दीन ने बताया कि उन्होंने अपनी दो बेटियों की शादी की है। एक बेटा और एक बेटी की शादी करनी थी लेकिन इमरान पहले अपने पैरों पर खड़ा हो कर शादी करना चाहता था। दो साल पहले वह इग्नू से एक साल कोर्स कर रहा था लेकिन बाद में उसने एलएलबी करने का फैसला किया था। उन्होंने बेटे का गाजियाबाद में एलएलबी में दाखिला करा दिया था। करीब चार माह पहले फीस भरने में परेशानी होने लगी तो इमरान ने नौकरी करने का फैसला किया था। वह नौकरी कर एलएलबी की फीस भर रहा था। कुछ पैसा घर में भी देता था। वह अपने पिता से कहता था कि वकील बनकर परिवार के सभी सदस्यों को बांध कर रखूंगा। वहीं बेटे की मौत के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।