मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर से सोने की चेन लूटी
इंदिरापुरम। चेन लुटेरों पर अंकुश लगाने में नाकाम इंदिरापुरम पुलिस को गिरोह ने फिर चुनौती दी है। कैलाश मानसरोवर भवन के पास बेखौफ लुटेरों ने मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर नीरज कुमार से दो लाख कीमत के पेंडेंट समेत सोने की चेन लूट ली। वह अपने रिश्तेदार के लिए वैक्सीनेशन डोज का पता करने जा रहे थे। आरोप है कि थाने में तहरीर देने के बाद वह खो गई, पुलिस ने उनसे दोबारा शिकायत लिखवाई।
नीरज कुमार अहिंसाखंड-2 के ईडन गार्डन पार्क में रहते हैं। वह 31 मार्च को ही ड्यूटी से छुट्टी लेकर घर आए थे। सुबह करीब 11:30 बजे पैदल ही कैलाश मानसरोवर भवन गए थे। मेन गेट के पास दो लुटेरों ने झपट्टा मारकर चेन लूट ली। उसमें बजरंग बली का सोने का पेंडेंट भी था। उन्होंने कार सवार दंपती के साथ पीछा किया, लेकिन लुटेरे पेट्रोल पंप से होकर वसुंधरा की तरफ फरार हो गए। उनकी गाड़ी जाम में फंस गई। उन्होंने डायल-112 पर फोन किया। पुलिस ने मानसरोवर भवन और पेट्रोल पंप का सीसीटीवी फुटेज चेक किया। इसमें दोनों लुटेरे कैद हो गए। दोनों ने हेलमेट पहना था। उनका आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद इंदिरापुरम थाने से तहरीर की कॉपी खो गई, जबकि पुलिस ने उन्हें रिसीव कर एक कॉपी भी दी थी। इसके बाद जब वह मुकदमा कॉपी लेने गए तो पुलिस ने 20 अप्रैल को दोबारा लिखित शिकायत लेकर रिपोर्ट दर्ज की। थाना प्रभारी मनीष बिष्ट का कहना है कि लुटेरों की पहचान करने और बाइक का नंबर देख रहे हैं।
पुलिस बोली, कितने लोगों को बताएंगे लुटेरे पकड़े गए हैं
चीफ ऑफिसर ने इंदिरापुरम पुलिस के बयान को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त 2021 को पत्नी अनुभूति पांडेय से भी जयपुरिया मॉल के पास सोने की चेन लूटी थी। इसकी रिपोर्ट के बारे में पूछने पर पुलिस ने रिकॉर्ड खंगाल कर दो लुटेरों को पकड़ने की बात कही तो उन्होंने कहा कि पुलिस ने इसकी कोई जानकारी नहीं दी और न ही चेन बरामद हुई। इस पर एक पुलिसकर्मी ने जवाब दिया कि घटनाएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं, कितने लोगों को बताएंगे कि लुटेरे पकड़े गए हैं। उन्होंने उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की है।
पहनना छोड़ दिया था सोने के गहने
नीरज कुमार ने बताया कि आए दिन बढ़ती लूट और छिनैती व पुलिसकर्मी बनकर गहने ठगने जैसी घटनाओं को देखकर सोने के गहने पहनने छोड़ दिए थे, लेकिन 18 अप्रैल को घर में पूजा-पाठ की वजह से सोने की चेन पहनी थी। बाहर जाते समय वह इसे उतारना भूल गए थे। उन्होंने पुलिस के बाइकर्स दस्ते, लैपर्ड, चीता, पीआरवी, पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा गश्त करने पर सवाल उठाए हैं।