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गृहमंत्री ने महिला दस्ते की आतंकवादी हमले के दौरान बचाव कार्य को सराहा

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गृहमंत्री ने महिला दस्ते की आतंकवादी हमले के दौरान बचाव कार्य को सराहा
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इंदिरापुरम। सीआईएसएफ की पांचवीं बटालियन के 53वें स्थापना दिवस पर हैरतअंगेज करतबों ने गृहमंत्री अमित शाह, अतिथियों और दर्शकों को हैरान कर दिया। शुरुआत में निशान टोली के सम्मान में सभी अधिकारी व लोग खड़े हुए। इसके बाद केंद्रीय सुरक्षा बल की दस टुकड़ियों का मुख्य अतिथि अमित शाह ने निरीक्षण किया, फिर जवानों ने परेड कर उन्हें सलामी दी। परेड की अगुवाई कमांडर केके भारद्वाज ने की। महानिदेशक शीलवर्धन सिंह ने 1104 जवानों को एएसआई से एसआई बनाने की घोषणा की। उन्होंने अपने संबोधन में सीआईएसएफ की उपलब्धियां और नई योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
समारोह में जवानों को वीरता के लिए मिला पदक
31 दिसंबर 2020 को जम्मू कश्मीर के नगरोटा में आतंकवादी हमले के दौरान विशिष्ट वीरता और साहस के सम्मान में विक्रमजीत सिंह, मुत्तमाला रवि, अनिल लाकड़ा, राहुल कुमार और जीवनरक्षा पदक बालावत रावत, राष्ट्रपति पुलिस पदक जगदीश सिंह, आईपीएस मीनाक्षी शर्मा, अंजनी कुमार सिंह, मोहन सिंह थापा, जयदीप चौधरी, राष्ट्रपति फायर पदक के.अजय, सुरेश कुमार, अनिल कुमार, प्रताप सिंह रावत व हरीश शाह और हमबीर सिंह को प्रदान कर सम्मानित किया।
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जब कुर्सियों से उठ खड़े हुए अतिथि और दर्शक
कलेरी पट्टू : कलेरी पट्टू एक तरह का मार्शल आर्ट है। यह बचाव और हमले के दौरान समग्र लड़ाई के लिए प्रयोग की जाती है। कलेरी पट्टू में शामिल 136 जवानों ने एक सीआईएसएफ प्रांगण में एक साथ हुंकार भरी तो अतिथि और दर्शक सीट से उठ खड़े हुए। इस मार्शल आर्ट में एक साथ घेरा बनाकर हमला किया जाता है, जो जान जोखिम के लिए ज्यादा खतरनाक रहता है।
चौरल प्रहार: यह एक तरह की लड़ाई की कला होती है, जो लाठी डंडों के दोनों तरफ आग लगाकर एक दूसरे पर हमला करने की नीयत से हमला किया जाता है। इसमें सामने वाले की फुर्ती और लापरवाही दोनों जानलेवा सिद्ध हो सकती है। समारोह में कलेरी पट्टू प्रदर्शन के बाद जब मैदान में जवानों ने चौरल प्रहार किया तो आग लगे लाठी- डंडे देखकर हर कोई हैरान हो गया।
चेरूवाड़ी फाइट: मार्शल आर्ट की तीसरी क्रिया चेरूवाड़ी होती है। इसमें सीआईएसएफ जवान छोटे डंडे से एक दूसरे पर इस तकनीक से हमला करते हैं कि पहले और दूसरे प्रहार से दुश्मन की जान निकल जाती है। यह ट्रेनिंग सीआईएसएफ जवानों की करीब तीन से सात माह तक चलती है। इसमें खास बात है कि चेरूवाड़ी से जवान 150 बार अलग-अलग तकनीक से प्रहार कर सकता है।
अंगधारी वालपिट्टू: सीआईएसएफ के जवानों ने ढाल के साथ एक दूसरे पर कई बार तलवार से हमला किया, लेकिन यह डेमो इस तरह प्रदर्शित किया गया कि दर्शक सीट से खड़े होकर तालियां बजाने लगे। इनके पीछे दो जवान मुंह पर ज्वलनशील पदार्थ पीकर आग का गोला छोड़ रहे थे।
उरूमी लड़ाई: सीआईएसएफ जवान जब लंबी तलवार से एक दूसरे पर हमला करते हुए मैदान में आए तो अचानक सभी की निगाहें काफी देर तक उन पर टिकीं रहीं। इस बीच एक जवान की उरूमी यानी लंबी तलवार गिर गई। जिसे गैलरी में खड़े जवानों ने उठा लिया। गनीमत रही कि इस हमले में किसी को चोट नहीं लगी।
भाला बनाम तलवार: सीआईएसएफ जवानों ने भाला और तलवार के बीच एक दूसरे पर हमला करने का डेमो प्रदर्शित किया। जवानों ने एक दूसरे पर करीब दस बार तलवार व भाले से हमला करने का प्रयास किया।
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जब आतंकवादियों ने की बस, मेट्रो हाइजैक और युवती को किडनैप
समारोह में आतंकवादियों ने एक बस को हाइजैक कर जब यात्रियों को बंधक बना लिया। तो उसकी सूचना सीआईएसएफ के कंट्रोल रूम को दी गई। मौके पर महिला दस्ते ने तेज रफ्तार गाड़ी से बस के अंदर घुसकर आतंकवादी को हिरासत में ले लिया। इसी तरह मेट्रो हाईजैक करने पर महिला दस्ते ने बड़े ही अदम्य साहस और बहादुरी से मेट्रो के शीशे तोड़कर अंदर प्रवेश किया, बाद में आतंकवादियों को मारकर यात्रियों को उनके कब्जे से छुड़ाया। इससे पहले मेट्रो स्टेशन से जा रही एक युवती को कार सवार बदमाश अपहरण कर लेते हैं। जिसे महिला दस्ते ने चलती कार में अंदर घुसकर बदमाश से युवती को मुक्त कराया। अंत में सीआईएसएफ के अग्निशमन दस्ते से अस्पताल, बिल्डिंग, ट्रांसफार्मर, एलपीजी सिलिंडर समेत अन्य चीजों में फायर ड्रिल का डेमो दिखाया।
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