चंद रुपयों के लिए 4 परिवार भी बेच चुके हैं अपने बच्चे
लोनी। डाबर तालाब कॉलोनी में अपने 14 दिन के बच्चे को बेचना का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले दंपती के अलावा अन्य चार परिवार चंद रुपयों के लिए अपने बेटों को बेच चुके हैं। पुलिस जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस बच्चे को बरामद करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
डाबार तालाब कॉलोनी में जिस परिवार ने अपने बच्चा बेच दिया है। उसके चार और परिवार के सदस्य भी वहीं आसपास रहते हैं। इन चार परिवार वालों ने भी अपने घर का खर्च चलाने के लिए अपने बेटों को चंद रुपयों में बेच दिया है। इन परिवार वालों ने भी अपने बेटों को उसी एक व्यक्ति के हाथ बेचा है। आरोपी व्यक्ति बाहर से ग्राहक लाकर बच्चों को बिकवाता है। इन परिवार वालों को सिर्फ पैसों से मतलब होता था। बच्चा बिकने के बाद दंपती, बच्चा खरीदने वाले ग्राहकों से नहीं मिलते थे। पुलिस के अनुसार, इन परिवारों की महिला जब गर्भवती होती थी, तब वहीं बिचौलिया संपर्क करता था। पैदा होने के बाद बिचौलिया ग्राहकों को लाकर परिवार के बीच बैठा देता था और पैसों की डील करता था। पैसों की डील होने के बाद ग्राहक बच्चे को अपने साथ ले जाते थे। पुलिस घटना के खुलासे के लिए बिचौलिये से पूछताछ कर रही है। मामले में पुलिस ने दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में दबिश दी है। वहीं पुलिस के हाथ कुछ फोन नंबर हाथ लगे हैं।
बेटों की है डिमांड
बिचौलिया बेटा होने पर बिक्री का बात को आगे बढ़ाता था। दंपती द्वारा बेटे को बेचने की अनुमति मिलने के बाद वह ग्राहकों से संपर्क करता था। अभी तक सभी परिवार वालों ने अपने बेटों को ही बेचा है।
दंपती बदल रहा बयान
लोनी कोतवाली एसएचओ ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामले में खुलासे के लिए दंपती समेत कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पूछताछ में दंपती बार-बार अपने बयान बदल रहा है। पहले दंपती ने बताया कि बच्चा चोरी करने दो लोग आए। दोनों मकान को किराए पर लेने की बात कर रहे थे। इसके बाद दंपती ने बताया कि कपड़ा बेचने के लिए दोनों आरोपी घर में घुसे थे। पुलिस की पूछताछ जारी है।