संकट होगा खत्म, 20 दिन में भरपूर ऑक्सीजन
गाजियाबाद। जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से सबक लेते हुए तीसरी लहर से निपटने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसी तैयारी के तहत जिले में नौ ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद तेज कर दी गई है। प्लांट तैयार होने से अस्पताल में भर्ती मरीजों को जरूरत पड़ने पर एक साथ ऑक्सीजन दी जा सकेगी। इससे अस्पताल में मानव संसाधन की परेशानी बचने के साथ ही मरीजों को बेहतर इलाज में मदद मिल सकेगी। उम्मीद है कि जून के पहले सप्ताह तक सभी प्लांट शुरू हो जाएंगे।
एमएमजी एवं महिला अस्पताल में प्लांट लगाने के लिए जगह का चयन करने में परेशानी आ रही है, क्योंकि दोनों अस्पतालों में ऐसी कोई खाली जगह नहीं है, जहां पर प्लांट लगाया जा सके, जबकि संयुक्त अस्पताल में पहले से ही संचालित प्लांट के स्थान पर नया प्लांट लगा दिया जाएगा। अस्पताल के कोविड प्रभारी डॉ. सूर्यांशु ओझा ने बताया कि प्लांट लग जाने से एक साथ 45 से 50 मरीजों को ऑक्सीजन दी जा सकेगी, जबकि अभी तक पुराना प्लांट खराब होने से कोविड मरीजों को तीसरी मंजिल तक आक्सीजन का सिलिंडर ट्रॉली से ले जाना पड़ता है।
रविवार को गाजियाबाद दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल्द ही नौ अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। प्लांट लगने से अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को पर्याप्त आक्सीजन मिलने लगेगी। स्वीकृत नौ प्लांटों में से तीन प्लांट जिला स्तरीय सरकारी अस्पतालों में होंगे और बाकी प्लांट चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व एक प्राथमिक स्वास्थ्य और एक ईसीआईसी अस्पताल में लगेंगे।
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इनकी सहायता से लगेंगे
03 ऑक्सीजन प्लांट विधायक निधि से लगेंगे। ये जिला एमएमजी अस्पताल, संयुक्त अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरादनगर में लगेंगे।
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04 ऑक्सीजन प्लांट सीएसआर फंड से लगेंगे। इनमें जिला महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना, मोदीनगर और लोनी शामिल हैं।
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02 प्लांट पीएम केयर फंड की धनराशि से लगेंगे। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजपुर व साहिबाबाद स्थित ईएसआईसी चिकित्सालय शामिल है।
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30 मई तक नौ ऑक्सीजन प्लांट लग जाएंगे। सभी प्लांट जून के पहले सप्ताह तक काम करने लगेंगे। पांच अस्पतालों में प्लांट के इंस्टालेशन के लिए एजेंसी भी नियुक्त कर दी गई है, जबकि चार अन्य के लिए एजेंसी की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। - डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ