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आंदोलन के समर्थन में उतरे राजनीतिक दल पर मंच पर नहीं मिली जगह

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धरनास्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते मनीष सिसोदिया। - फोटो : GHAZIABAD City
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आंदोलन के समर्थन में उतरे राजनीतिक दल पर मंच पर नहीं मिली जगह
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गाजियाबाद। राजनीतिक दल भी अब खुलकर किसान आंदोलन के समर्थन में उतर आए हैं। शुक्रवार को रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और कांग्रेस नेत्री अलका लांबा ने यूपी गेट धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। इसके अलावा पूर्व सांसद अतवार सिंह भड़ाना और एमएलसी संजय लाठर भी यूपी गेट पहुंचे। किसानों ने इन नेताओं का स्वागत तो किया, लेकिन उन्हें आंदोलन के मंच पर जगह नहीं मिली। विभिन्न पार्टी के नेताओं ने मंच के नीचे से ही धरना स्थल पर मौजूद किसानों को संबोधित किया।
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किसान विरोधी राजनीतिक लोगों को दिखाएं बाहर का रास्ता : जयंत चौधरी
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि आंदोलन में किसान हिम्मत और धैर्य का परिचय दे रहे हैं। चौ. चरण सिंह की हमेशा किसानों को संगठित करने की कोशिश थी। आजाद भारत में पहली बार इतना बड़ा आंदोलन संयम और अनुशासन के साथ हो रहा है। रालोद का किसानों को पूरा समर्थन है। सरकार सोच रही है कि किसान अकेला पड़ गया तो उन्हें दबा लिया जाएगा, तो यह संभव नहीं है। किसानों को कुचलना किसी के लिए संभव नहीं है। सरकार को यह याद दिलाने के लिए मैं यहां आया हूं। जब से प्रदेश में योगी सरकार आई है तब से पूरी यूपी में धारा 144 लगी हुई है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति और विरोध करने की सभी को आजादी होती है। ऐसे में आजादी से वंचित नहीं किया जा सकता है। किसानों का लगातार दो माह से सरकार अपमान कर रही है। किसान धरने पर बैठने की जगह हल चाहता है। इसलिए वह यहां तक आया है। किसान आंदोलन में जो भी तय करेंगे रालोद उनके साथ है। विपक्ष की सभी पार्टियां लगातार अपने-अपने तरीके से कृषि कानूनों का विरोध कर रही हैं। संसद के अंदर व बाहर विरोध जारी है। सरकार को केवल पांच साल का लाइसेंस मिला है, हमेशा के लिए वोट नहीं मिला है। जयंत ने कहा कि बड़ौत में शांतिपूर्वक धरना दे रहे किसानों पर लाठीचार्ज हुआ है। घायल किसानों से मिलूंगा। पानी व बिजली काटने पर उन्होंने कहा कि बिजली-पानी तुलगक रोड पर भी काटा गया था। किसान बहुत कुछ झेलता है, यह भी झेल लेगा। 26 जनवरी को कुछ दृश्य ही देश के सामने आए हैं। किसान देशद्रोही या आतंकवादी नहीं हैं, जो उन पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। घटना में जो पुलिस वाले घायल हुए हैं, उनके साथ भी हमारी संवेदनाएं हैं। किसानों को ऐसा आंदोलन करना चाहिए, जिससे ऐसे राजनीतिक लोग जो किसान विरोधी हैं, उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए।
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कुछ पूंजीपतियों के इशारों पर किसानों की उछाली जा रहीं पगड़ियां : मनीष सिसोदिया
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार पूरी तरह से किसानों के साथ है। किसानों के लिए दिल्ली सरकार की ओर से पानी के दस टैंकर भेजे गए हैं। जिसका निरीक्षण उन्होंने किया है। केंद्र सरकार किसानों को बदनाम करना चाहती है। कुछ पूंजीपतियों के इशारे पर किसानों की पगड़ी उछाली जा रही है। किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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किसानों की आवाज दबने नहीं दी जाएगी : अजय कुमार लल्लू
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे किसानों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। सरकार ने सरकारी तंत्र के बल पर आवाज दबाने का नया काम शुरू किया है। किसानों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता हों या फिर और कोई, सरकार उनके दमन का रास्ता अपनाती है। आंदोलन में चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस बल से इसकी एक बानगी देखी जा सकती है। सरकार के दमन और अघोषित आपातकाल के खिलाफ उनका मुकाबला जारी रहेगा। जब तक लोकतंत्र व किसान नहीं बचेगा, तब तक देश नहीं बचेगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव, प्रभारी अवनीश कुमार सहित आदि लोग मौजूद रहे।
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राकेश टिकैत के आंसू ने यूपी गेट पर सैलाब ला दिया : अलका लांबा
कांग्रेस नेत्री व पूर्व विधायक अलका लांबा ने कहा कि राकेश टिकैत की आंखों में आंसू उनकी कमजोरी की निशानी नहीं है। वह आंसू उनके लिए बहे, जिन किसानों ने दिल्ली की दहलीज पर अपनी कुर्बानी दी। राकेश टिकैत के मन में एक बार आया कि उनकी कुर्बानी यूं ही जाया चली जाएंगी। उन्हें इस तरीके से बल के दम पर रोक दिया जाएगा। उनके एक आंसू ने यूपी गेट पर सैलाब ला दिया है। सत्ता की गलतफहमियां दूर कर दी हैं। संसद का सत्र शुरू हो गया है। सरकार को अहंकार व जिद छोड़नी चाहिए। सरकार को झुकना भी तो अन्नदाता के सामने है।
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