उत्तर कुमार के बेटे का आरोप
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वहीं इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने भी अपना बयान जारी कर इन आरोपों पर सफाई दी। उत्तर कुमार के ऑफिशियल फेसबुक पेज से जानकारी दी गई है कि उत्तर कुमार को न्याय दिलाने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर 'चलो गाजियाबाद पुलिस मुख्यालय कलेक्ट्रेड' आने के लिए लोगों से कहा है।
बेटे के जहर देने के आरोप पर पुलिस का बयान
सहायक पुलिस आयुक्त इन्दिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने जहर वाले आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से कतिपय भ्रामक वीडियोस जिनमें यह आरोप लगाया गया है कि एक व्यक्ति द्वारा पुलिस कस्टडी में जहर खा लिया गया है, मैं आपको अवगत कराना चाहता हूं कि थाना शालीमार गार्डन पुलिस द्वारा थाना शालीमार गार्डन पर पंजीकृत एक अभियोग के सम्बन्ध में आरोपी उत्तर कुमार को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लेने के पश्चात आरोपी द्वारा तबीयत खराब होने की शिकायत की गई। जिसके क्रम में तत्काल ही आरोपी को अस्पताल में एडमिट कराया गया। डॉक्टरों ने जांच की। वर्तमान में इनकी स्थिती स्थिर और सुरक्षित हैं। प्रकरण में आरोपी के उपचार के पश्चात अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
युवती ने उत्तर कुमार पर लगाए ये आरोप
उत्तर कुमार के खिलाफ शालीमार गार्डन थाने में दुष्कर्म के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज है। मुकदमा गौतमबुद्ध नगर जिला निवासी एक युवती ने दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप था कि अगस्त 2020 में आरोपी से मुलाकात होने के बाद उन्होंने एक साथ फिल्म के गाने में काम किया था। आरोप था कि उत्तर कुमार ने उन्हें बड़ी हरियाणवी फिल्मों में मुख्य भूमिका दिलाने और इंडस्ट्री में तरक्की दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद कभी शालीमार गार्डन क्षेत्र स्थित कार्यालय तो कभी अमरोहा स्थित अपने फार्म हाउस पर बुलाया। यहां उनसे अश्लील हरकतें की व शारीरिक संबंध बनाने को भी मजबूर किया।
नवंबर 2023 में पीड़िता और उसकी बहन को मानहानि का दावा ठोकने की धमकी देते हुए जातिसूचक अपशब्द भी कहे। पीड़िता ने इसके बाद जून 2025 में पुलिस को तहरीर दी थी। पीड़िता के अनुसार पुलिस से शिकायत होते ही उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। तब भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। शुरुआती जांच के बाद एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह की तरफ से अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाने की प्रक्रिया की गई लेकिन डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने आपत्ति लगाते हुए उसे वापस कर दिया और जांच एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव को सौंप दी। पुलिस ने जांच के बाद 14 सितंबर की रात उत्तर कुमार को हिरासत में ले लिया।
साक्ष्यों की कमी के चलते पहले हुई एफआर की प्रक्रिया
मुकदमा दर्ज होने के बाद शालीमार गार्डन पुलिस ने साक्ष्यों की कमी बताते हुए एफआर की प्रक्रिया की थी। जब पीड़िता ने पुलिस को कुछ और साक्ष्य सौंपे तब कहीं जाकर डीसीपी ने आपत्ति लगाई। पूर्व जांच अधिकारी की कार्रवाई से पीड़िता ने असंतोष जताते हुए जांच स्थानांतरित करने की गुहार लगाई थी। इसके बाद डीसीपी के निर्देश पर एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव को जांच सौंपी गई। करीब चार दिन पहले पीड़िता अपनी अधिवक्ता के साथ एसीपी इंदिरापुरम से भी मिली थीं। यहां उन्होंने पुलिस को कुछ कॉल रिकॉर्डिंग व अन्य साक्ष्य भी दिए। जांच के बाद पुलिस ने उन्हें भी मामले में शामिल कर लिया है।
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