ट्रानिका सिटी थाना क्षेत्र के बदरपुर गांव में 17 सितंबर को हुई राशिद की हत्या की घटना का पुलिस ने खुलासा कर बदरपुर गांव निवासी शहनाज व मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा गांव निवासी गुलफाम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, शहनाज के पति महताब के कहने पर गुलफाम ने पड़ोसी राशिद की हत्या की थी। गुलफाम के दो मोबाइल गायब हो गए थे।
गुलफाम के बेटे ने राशिद के बेटे पर मोबाइलों की चोरी का आरोप लगाया तो वह डरकर घर से भाग गया। राशिद को शक हुआ कि उसके बेटे को महताब ने अगवा करा दिया है। कहीं वह उसे अपहरण के आरोप में जेल न भिजवा दे। इसलिए उन्होंने राशिद की हत्या की और शव को फेंककर फरार हो गए।
जेल में हुई थी नजदीकी, निभाने के लिए किया कत्ल
डीसीपी ग्र्रामीण ने बताया कि गुलफाम मुजफ्फरनगर दंगे में 11 साल तक जेल में बंद रहा था। वहीं महताब भी चोरी के मामले में जेल में बंद था। दोनों की वहीं पर नजदीकी हो गई। इसी साल पांच अगस्त को वह जेल से छूटा था। महताब उसको अपना बेटा मानने लगा था।
महताब व उसकी पत्नी शहनाज ने ही जमानत देकर उसको रिहा कराया था। जेल से छूटकर वह महताब के घर करीब एक माह रहा है। गुलफाम ने पुलिस को बताया कि उसने पारिवारिक रिश्ते को निभाने के लिए राशिद की हत्या की। 16 सितंबर को महताब ने गुलफाम को फोन कर बताया कि उनका मोबाइल उनके पड़ोसी राशिद के बेटे ने चोरी कर लिया। उसके बेटे से जब उन्होंने पूछा तो वह गुम हो गया और राशिद उनपर उसके अपहरण करने का आरोप लगा रहा है।
वह उनको इस मामले में जेल भिजवा सकता है। गुलफाम इतना सुनते ही मुजफ्फरनगर से बदरपुर आ गया। तभी रात में डंडा लेकर राशिद अपने बेटे को ढूंढने के लिए निकला था तो उन्होंने राशिद को दबोच लिया। पहले उसकी उसी के डंडे से पिटाई की और फिर अपने दामाद सुहैल व बेटे जावेद के साथ मिलकर चाकू से गोदा और खेत में फेंक दिया।