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11 माह में 36392 लोगों को कुत्तों ने काटा

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वसुंधरा में कुत्तों का झुंड। - फोटो : SHAHIBABAD
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11 माह में 36392 लोगों को कुत्तों ने काटा
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गाजियाबाद/साहिबाबाद। हाउसिंग सोसायटियों और कॉलोनियों में कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है। हर महीने करीब 3500 से 4500 लोग कुत्ते के हमले का शिकार बन रहे हैं। 11 माह में कुत्ते और बंदर 42814 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। इसमें 36392 मामले कुत्तों के हमले के हैं और 6422 मामले बंदर के काटने के हैं। इसके बावजूद नगर निगम अधिकारी इनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान नहीं चला रहे हैं।
आवारा कुत्तों के आतंक से निबटने के लिए सोसायटियों के एओए संगठन खुद नियम बना रहे हैं। राजनगर एक्सटेंशन, इंदिरापुरम की कई सोसायटियों में कुत्तों को खाना खिलाने के लिए जगह तय कर दी गई है। इससे अलग खाना खिलाने पर जुर्माने की रकम भी निर्धारित की गई है। नगर निगम से कोई मदद मिलने की उम्मीद छोड़ चुके कई अन्य सोसायटी के संगठन इसी तरह कुत्तों के हमलों को रोकने की कवायद कर रहे हैं।
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शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी निवासी प्रिया बिष्ट का कहना है कि हमारे यहां एक समय में बहुत अधिक आवारा कुत्ते हो गए थे, यहां तक कि कुत्तों को सोसायटी से हटाने के लिए आंदोलन तक करना पड़ा था। फिलहाल हमने अपनी सिक्योरिटी पर इसकी पूरी जिम्मेदारी सौंपी है। अभी वर्तमान में सोसायटी में पांच से सात कुत्ते ही हैं। सुरक्षा कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वह किसी भी बाहरी कुत्ते को अब अंदर न आने दें।
मनोकामना सोसायटी निवासी बृजपाल सिंह का कहना है कि हमारे यहां आए दिन कुत्ते काटने की घटनाएं होती रहती हैं। सोसायटी में लोग सीढ़ियों पर खाना डाल देते हैं और कुत्ते ऊपरी मंजिल तक पहुंच जाते हैं। पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पशु प्रेमी संस्था के लोग नियमों को गलत तरीके से पेश कर गुमराह कर देते हैं। कार्रवाई नहीं हो रही।
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निगम पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी ने कहा कि कुत्तों की नसबंदी के लिए पीएफए को कांट्रेक्ट दिया गया है। हाल ही में उनके कांट्रेक्ट का नवीनीकरण किया गया है। संस्था हर महीने कुत्तों की नसबंदी के साक्ष्य प्रस्तुत करती है, जिसके आधार पर उनका भुगतान किया जाता है। अभियान चलाकर कुत्तों की नसबंदी कराई जाएगी।
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