मंडोला समेत छह गांवों के 150 से किसानों पर रिपोर्ट
लोनी। मंडोला आवास विकास कार्यालय में पुलिस के साथ झड़प होने पर 20 नामजद समेत 150 किसानों के खिलाफ ट्रॉनिका सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। किसानों ने भी पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को तहरीर दी है। झड़प में घायल हुए किसानों से मिलने मदन भैया पहुंचे। दूसरे दिन भी किसानों के अनशन के चलते आवास विकास कार्यालय पर कामकाज ठप रहा।
किसानों ने बुधवार दोपहर सीओ को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने ट्रानिका सिटीथाना प्रभारी व अन्य पुलिस कर्मियों को निलंबन की मांग की है। वहीं ट्रॉनिका सिटी थाना एसएचओ रविंद्र चंद पंथ ने बताया कि किसानों के साथ झड़प में घायल हुए पुलिसकर्मियों की हालत अब ठीक है। एसआई संजीव कुमार की तहरीर पर पुलिस ने 20 नामजद समेत 150 किसानों पर रिपोर्ट दर्ज की है। एसएचओ ने बताया कि वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। उधर, किसानों ने भी पुलिसकर्मियों पर मारपीट और लाठी चार्ज करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को एसएसपी के नाम लोनी सीओ को तहरीर दी है। लोनी सीओ रजनीश कुमार उपाध्याय ने किसानों को तहरीर को अधिकारियों को भेजना का आश्वासन दिया है। किसान नेता नीरज त्यागी ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर आवास विकास कार्यालय के गेट पर अर्धनग्न होकर अनशन करने जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही किसानों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने किसानों पर लाठी चार्ज किया। जिसमें किसान घायल हुए। ऊपर से पुलिस ने किसानों के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज की है।
किसानों पर लाठी चार्ज करना दुखद मदन भैया
पुलिस से झड़प के दौरान घायल हुए किसानों से मिलने बुधवार को पूर्व विधायक मदन भैया पहुंचे। उन्होंने सभी घायल किसानों का हाल जाना और उनसे बात की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसानों के प्रति संयम से काम लेने चाहिए। सरकार को किसानों की मांगों को मान लेना चाहिए।
यह था मामला
बढ़े मुआवजे की मांगो के लेकर आवास विकास कार्यालय पर अर्धनग्न होकर अनशन करने जा किसानों के साथ मंगलवार को पुलिस के साथ झड़प हो गई थी। झड़प में पांच किसान घायल हुए थे। किसानों ने पुलिस पर लाठी चार्ज करने का आरोप लगाया था। वहीं झड़प के दौरान महिला सिपाही समेत 3 पुलिस कर्मी घायल हुए थे।
ये रहे अनशन पर
आवास विकास कार्यालय में मंगलवार को सुरेंद्र शर्मा, किशनलाल प्रजापति, बिजेंद्र त्यागी, मास्टर महेंद्र त्यागी, विनोद त्यागी, राकेश त्यागी, विनोद कुमार, जगनंदन त्यागी, नवीन त्यागी निवासी मंडोला आमरण अनशन पर बैठे थे। दूसरे दिन शाम करीब पांच बजे मास्टर महेंद्र त्यागी की हालत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए एंबुलेंस से उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।