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29 को ट्रैक्टर से मार्च कर संसद पहुंचेंगे किसान

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गाजियाबाद - गाजीपुर बॉर्डर। किसान आंदोलन के एक वर्ष पुरा होने पर भारी संख्या में जूटे किसान। फोटो - फोटो : GHAZIABAD City
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29 को ट्रैक्टर से मार्च कर संसद पहुंचेंगे किसान
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साहिबाबाद। केंद्र सरकार ने 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए बिल पेश करने की तैयारी कर ली है, लेकिन किसानों का कहना है कि वह संसद तक पहुंचकर एमएसपी की गारंटी के लिए कानून की मांग करेंगे। 30 ट्रैक्टरों के साथ 500 किसानों का एक दल ट्रैक्टर मार्च कर दिल्ली जाएगा। वहीं, दिल्ली पुलिस ने किसानों के इस ट्रैक्टर मार्च को लेकर बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है। गाजीपुर बॉर्डर पर धारा-144 लागू कर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि अभी सिर्फ तीन कृषि बिल वापस लिए जाने की मांग मानी गई है। बिजली बिल, एमएसपी, 10 साल पुराने ट्रैक्टरों को एनजीटी के आदेश पर चलन से बाहर किए जाने, जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा और किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए केस को वापस लिए जाने समेत कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर सरकार से आमने-सामने बातचीत होनी है। जब तक किसानों की यह मांगें नहीं मानी जाएंगी, किसान घर वापसी करने वाला नहीं है। राकेश टिकैत ने कहा कि 29 नवंबर की सुबह किसानों का एक दल ट्रैक्टर से दिल्ली कूच करेगा और संसद जाकर अपनी बात कहेगा।
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बॉर्डर पर तैनात किए सीआरपीएफ के जवान
किसानों की महापंचायत के दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा रही। बॉर्डर पर लगी बेरिकेडिंग के पास सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे। वहीं दिल्ली की सीमा में बॉर्डर से करीब 50 मीटर दूर दिल्ली पुलिस के जवान तैनात रहे। महापंचायत स्थल पर यूपी पुलिस के 250 से ज्यादा जवान, सब-इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारी तैनात रहे। किसानों की महापंचायत शांतिपूर्ण चली। अब दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर धारा-144 लागू कर दी है। ऐसे में किसानों को 29 नवंबर का दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च के लिए पहले अनुमति लेनी पड़ेगी।
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