जीएसटी अधिकारी बताकर चिकित्सक से 10 लाख रुपये वसूले
वसुंधरा। प्रहलादगढ़ी निवासी डॉ. प्रवीण सिंह से ठगों ने जीएसटी अधिकारी बनकर 10 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित का आरोप है कि ठगों ने घर में घुसकर उनसे मारपीट भी की। इस बाबत पीड़ित डॉक्टर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पवन कुमार को शिकायत दी है। आरोप है कि उच्च अधिकारी से शिकायत पर भी इंदिरापुरम पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
प्रह्लादगढ़ी में डॉ. प्रवीण सिंह रहते हैं। कॉलोनी में ही उनका क्लीनिक है। उन्होंने बताया कि 20 अक्तूबर को तीन लोग उनके क्लीनिक के बाहर खड़े होकर उनके बारे में पूछने लगे। जैसे ही उन्हें जानकारी हुई तो वह घबरा गए और क्लीनिक से चुपचाप निकलकर दूसरी जगह चले गए। इसके बाद 25 अक्तूबर को तीनों लोग फिर से उनके घर पहुंचे और परिवार के लोगों से पूछताछ करने लगे। इस दौरान डॉ. प्रवीण को उन पर शक हुआ तो वह फिर से भागकर दिल्ली की दुर्गापुरी कॉलोनी में अपने दोस्त के घर पहुंच गए। लेकिन तीनों लोग वहां भी पहुंच गए और उनके व दोस्त के साथ मारपीट की। उसके बाद उन्हें गाड़ी में डालकर वैशाली ले आए। आरोप है कि उन्हें काफी देर तक गाड़ी में घुमाते रहे। इस दौरान आरोपियों ने खुद को जीएसटी का अधिकारी बताकर कार्रवाई करने का डर दिखाया। मेरठ जेल में बंद कराने की धमकी देकर 30 लाख रुपये की मांग की। इस पर पीड़ित ने इतने पैसे एक साथ देने में असमर्थता जताई तो डराया-धमकाया गया। डॉ. प्रवीण ने बताया कि उनके एक जानकार ने तुरंत घटना का पता चलने पर 10 लाख रुपये का इंतजाम करके तीनों लोगों को दे दिया। इसके बाद वे लोग उन्हें साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट-चार में छोड़कर फरार हो गए। पीड़ित डॉ. का कहना है कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद पवन कुमार से शिकायत की थी। उन्होंने 30 अक्तूबर इंदिरापुरम थाना प्रभारी को नियम अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। डॉ. प्रवीण का आरोप है कि पुलिस ने अब तक मामले में रिपोर्ट नहीं दर्ज की है। क्षेत्राधिकारी इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है।