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एयरफोर्स डे पर इस बार 20 फीसदी लोग ही लेंगे भाग

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एयरफोर्स डे पर इस बार 20 फीसदी लोग ही लेंगे भाग
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साहिबाबाद। कोरोना का असर हिंडन एयरफोर्स डे पर भी देखने को मिलेगा। इस बार कार्यक्रम में सिर्फ तीन हजार कुर्सियां लगाई जाएंगी, जबकि हर साल हिंडन एयरफोर्स के कार्यक्रम में 16 से 17 हजार लोग शामिल हुआ करते थे। हिंडन एयरफोर्स प्रशासन ने जिला प्रशासन को भी स्पष्ट कर दिया है और उनसे वीआईपी लोगों के नामों की सूची मांगी है।
इस बार वायु सेना दिवस की 88वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। कोविड-19 संक्रमण की वजह से पहले से ही कार्यक्रम में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वहीं, वीआईपी मेहमानों की भी भीड़ एकत्र नहीं की जाएगी। इसे लेकर इसी सप्ताह हिंडन एयरफोर्स ने आसपास के ग्रामीणों के शांतिदूत, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि कार्यक्रम में इस बार महज तीन हजार कुर्सियां ही लगाई जाएंगी। साथ ही कार्यक्रम के पास सीमित होंगे। बैठक में शामिल हुए ग्रामीण सलाह समिति के सदस्य और करहेड़ा के पार्षद बिजेंद्र चौहान ने बताया कि बैठक में कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्रामीणों की मदद मांगी गई है। दरअसल आठ अक्तूबर तक एयरफोर्स के आसपास के गांवों में पतंगबाजी और कबूतरबाजी करने पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम प्रतिनिधि को गांवों में बैठक कर लोगों की काउंसलिंग करने को कहा गया है। साथ ही खुले में कूड़ा न डाले जाने की भी बात कही गई। इस बाबत नगर निगम से लगातार साफ-सफाई कराए जाने को कहा गया ताकि रिहर्सल के दौरान किसी भी तरह की कोई घटना न घट सके और पक्षियों का खतरा नहीं पैदा हो। वहीं, जिला प्रशासन से मोरटा के तालाब में जहां मछली पालन किया जाता है, वहां से सभी मछलियां निकाल लेने की बात कही गई है।
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संदिग्धों पर नजर रखेंगे ग्रामीण
हिंडन एयरफोर्स डे पर किसी भी तरह का कोई संदिग्ध इलाके में प्रवेश न कर सके। इसके लिए पुलिस-प्रशासन के साथ ही ग्रामीणों से भी मदद ली जा रही है। बिजेंद्र चौहान ने बताया कि करहेड़ा, पसौंडा, मोहम्मदपुर गांवों में ग्रामीणों को सचेत कर दिया गया है कि वह किसी भी अजनबी को इलाके में देखें तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पार्षद ने बताया कि ग्रामीण इसके लिए पहले से ही तैयार रहते हैं और निगरानी लगातार कर रहे हैं।
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