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डबल इंजन सरकार से विकास प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार

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रैपिड मेट्रो रेल - फोटो : GHAZIABAD City
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डबल इंजन सरकार से विकास प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार
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गाजियाबाद। प्रदेश में भाजपा सरकार की वापसी और डबल इंजन सरकार विकास प्रोजेक्टों को रफ्तार मिलेगी। महानगर में चल रहे रोपवे, गंगनहर नया कांवड़ मार्ग, नॉदर्न पेरिफेरल प्रोजेक्ट के सामने फंड की कमी आड़े नहीं आएगी। दूसरी ओर रोपवे की जगह वैशाली से मोहननगर मेट्रो प्रोजेक्ट की स्थानीय लोगों की मांग के अब पूरा होने की संभावना बढ़ गई है। दूसरी यातायात से जुडे़ नॉदर्न पेरिफेरल प्रोजेक्ट की डीपीआर बीते तीन साल से शासन के गलियारे में घूम रही है। ऐेसे में इस बार प्रोजेक्ट को शासन से फंडिंग मिलने की पूरी संभावना है।
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक 82 किमी प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर में अब किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। पहले बदलाव की संभावनाओं के बीच प्रोजेक्ट की गति धीमी होने की संभावना जताई जा रही थी। अब 17 किमी लंबे साहिबाबाद से दुहाई तक प्राथमिकता खंड के मार्च 2023 में पूरा होने और बाकी कॉरिडोर के 2025 में पूरा होने की संभावना बढ़ गई है। प्राथमिकता खंड में 80 फीसदी निर्माण संबंधी कार्य पूरा हो चुका है। जुलाई से ट्रायल रन प्रस्तावित हैं।
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वैशाली से मोहननगर के बीच रोपवे प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। 450 करोड़ के प्रोजेक्ट में फंडिंग पैटर्न में 60 फीसदी अंशदान निजी एजेंसी, 20 फीसदी अंशदान केंद्र सरकार का है। जिसका प्रस्ताव केंद्र में जमा कराया जा चुका है। वहीं 20 फीसदी अंशदान जीडीए को करना है। ऐसे में रोपवे के लिए जीडीए को शासन से मंजूरी मिल सकती है।
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मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल गंगनहर पटरी पर नए कांवड़ मार्ग का काम अब रफ्तार पकड़ेगा। अभी तक यह प्रोजेक्ट फंड की कमी से जूझ रहा था। 628 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में लोक निर्माण विभाग को काम को तेजी से पूरा करने के लिए नई किश्त मिल सकती है। 111.49 किमी लंबे कांवड़ मार्ग में गाजियाबाद के हिस्से के भाग में बनने वाले पुल के लिए पिलर का काम पूरा हो चुका है।
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