100 करोड़ की धोखाधड़ी में रेड एप्पल का मालिक परिवार सहित गिरफ्तार
गाजियाबाद। नंदग्राम थाना पुलिस ने 100 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में मंगलवार को रेड एप्पल के मालिक राजकुमार जैन को परिवार सहित गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों पर फर्जी कंपनियां बनाकर निवेश के नाम पर ठगी करने के 29 केस शहर के थानों में दर्ज हैं और गैंगस्टर एक्ट भी लग चुका है। राजकुमार फर्जी कंपनियों का मालिक है और परिवार के सदस्यों को निदेशक बना रखा था। इनसे चार लैपटॉप, 5 मोबाइल फोन, 13 फर्जी आधार कार्ड, 4 पैन कार्ड, 2 चैक बुक, 1 डेबिट कार्ड और फर्जी नाम से दुबई का नागरिकता कार्ड मिले हैं। धोखाधड़ी के शिकार लोगों ने इनकी गिरफ्तारी के लिए कई बार प्रदर्शन किया।
राजकुमार के साथ गिरफ्तार आरोपियों में नमन जैन, रिषभ जैन, अनुशा जैन और इंदु जैन हैं। सभी लिंक रोड पर फ्लोरा रामप्रस्थ कॉलोनी में एक साथ रहते हैं। पुलिस ने बताया कि ये लोग फर्जी कंपनी के नाम पर फर्जी दस्तावेज से प्रोजेक्ट की फाइल तैयार करते थे। इसके बाद लोगों से उसमें निवेश के नाम पर रकम ले लेते थे। इन्होंने मंजू जे होम्स, आईडिया बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड समेत कई फर्जी कंपनी बना रखी थीं। लोग जब पैसा वापस मांगते थे तो कंपनी के नुकसान में होने के बहाने बनाकर मना कर देते थे। धोखाधड़ी के शिकार लोगों की जब पैसा वापसी की उम्मीद खत्म हो गई, तब एक एक कर केस दर्ज कराए गए। ये लोग आठ साल से धोखाधड़ी कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों से बरामद फर्जी दस्तावेज दिल्ली और पंजाब के पते पर बनवाए गए। इनमें आरोपियों ने अपने नाम और पते बदल रखे थे। नमन जैन का नाम रोहित गर्ग, राजकुमार जैन का नाम रमेश गर्ग, रिषभ जैन का नाम सन्नी गर्ग, अनुशा जैन का नाम राखी गर्ग, इंदु जैन का नाम बॉबी गर्ग कराया गया और इनका सभी का पता जे एंड के एक्सटेंशन जे ब्लॉक लक्ष्मी नगर ईस्ट दिल्ली दिखाया गया। वहीं अक्ष्य जैन का नाम देवेन गर्ग कराकर पता जिरकपुर, मोहाली, पंजाब और प्रतीक जैन का नाम राहुल गर्ग व पता कृष्णानगर पूर्व दिल्ली दिखाया गया।
अक्षय जैन ने पहचान बदलकर देवेन गर्ग के नाम से आईसीआईसीआई बैंक में अपना खाता खुलवाया था। इसी खाते में लोगों से पैसा जमा कराया जाता था। इसके अलावा पुलिस को अक्षय जैन का देवेन गर्ग के नाम से संयुक्त अरब अमीरात का नागरिकता कार्ड बरामद हुआ है। नंदग्राम थाना प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि नागरिकता कार्ड की जांच कराई जाएगी। इसकी सूचना विदेश मंत्रालय को भी दी जाएगी।