लोन माफिया लक्ष्य तंवर की जमानत अर्जी खारिज
गाजियाबाद। लोन माफिया लक्ष्य तंवर की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय के न्यायाधीश जितेंद सिन्हा ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि सभी तथ्यों, परिस्थितियों, अपराध की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्य के अनुसार लक्ष्य तंवर को जमानत पर मुक्त किए जाने का पर्याप्त आधार नहीं है। इसलिए जमानत अर्जी निरस्त किया जाता है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद शर्मा ने बताया कि आठ सितंबर को कोतवाली में वैभव गोयल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि वह सोने-चांदी के गहने बेचने का व्यवसाय करते हैं। उनकी दुकान पर लक्ष्य तंवर व वरुण त्यागी का आना-जाना शुरू हुआ। लक्ष्य ने व्यापार के लिए लोन कराने की बात कही थी। लक्ष्य बैंक में ले गया और 1.20 करोड़ के लोन दिलाने के लिए सभी दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराकर दोनों दुकानों की रजिस्ट्री बैंक में बंधक करा दी। एक जून 2016 में वैभव गोयल के खाते से 15 लाख अपने कर्मचारी की फर्म बालाजी टिंबर में ट्रांसफर करवा लिया। पांच लाख रुपये दो जून को बैंक से निकाल लिया। आरोप है कि फर्म लक्ष्य तंवर की थी, जिसका संचालन वह स्वयं करता था। वैभव द्वारा कराए गए लोन की पूरी धनराशि अपने फर्म में ट्रांसफर करा लिया। इसी नाम से वह राइटगंज में फर्म संचालित करता था, जिसमें फर्जीवाड़ा कर तीन करोड़ का लोन करा लिया और पसौंडा में अपने पिता, मां व पत्नी के नाम पर एक एक फ्लोर की रजिस्ट्री कराई। बाद में बैंक से मिलीभगत कर वैभव के भाई दीपक कुमार गोयल की फर्म रामचंद्र ज्वेलर्स से एक करोड़ पचास लाख से लिमिट बढ़ाकर 3.95 करोड़ करा दी और पैसा अपनी फर्म के नाम ट्रांसफर करा लिया।