कोहरे और स्मॉग का असर, लेट होने लगी लंबी दूरी की ट्रेनें
गाजियाबाद। कोहरे और स्मॉग का असर ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ने लगा है। आसमान में छाई धुंध से दृश्यता कम कम होने लगी तो अब ट्रेनें भी लेट होने लगीं। लंबी दूरी की ट्रेनें 30 मिनट से ढाई घंटे तक लेट हो रही हैं। शनिवार को सद्भावना, कैफियत और फरक्का समेत कई ट्रेनें देरी से गाजियाबाद पहुंचीं।
मौसम में आए परिवर्तन के बाद अब सुबह-शाम कोहरा पड़ने लगा है। इसकी वजह से ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो रही है। इसी का असर है कि गंतव्य तक पहुंचने में अब ट्रेनें लेट हो रही हैं। यह हालात तब है जब कोरोना संक्रमण काल में बंद हुई कई ट्रेनें अभी ट्रैक पर नहीं लौटी हैं। अधिकांश लोकल ट्रेनों का संचालन अभी भी बंद है। ट्रैक पर ट्रेनों की संख्या बढ़ी तो रफ्तार और धीमी हो जाएगी। गंतव्य तक देरी से पहुंच रहीं ट्रेनों को समय बदलकर वापस रवाना किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को आनंद विहार से सुल्तानपुर जाने वाली सद्भावना एक्सप्रेस को 2:30 घंटे की देरी से रवाना किया गया। यह ट्रेन गाजियाबाद स्टेशन पर भी ढाई घंटे की देरी से पहुंची। भागलपुर से आनंद विहार आने वाली ट्रेन भी शनिवार को 3:20 घंटे और आजमगढ़-दिल्ली कैफियत एक्सप्रेस को 25 मिनट की देरी से रवाना किया गया। मालदा टाउन से दिल्ली आने वाली फरक्का एक्सप्रेस शनिवार को करीब 40 मिनट की देरी से गाजियाबाद स्टेशन पहुंची। वहीं मालदा टाउन से रविवार को रवाना की गई फरक्का एक्सप्रेस के समय में भी परिवर्तन कर 1:15 घंटे की देरी से रवाना किया गया।
यात्रियों को हो रही परेशानी
देरी से चलने वाली ट्रेनों की वजह से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी दूरी से आने वाली ट्रेनों का यह अंदाजा लगा पाना मुश्किल हो जाता है कि वह कितनी देरी से पहुंचेंगी। ऐसे में यात्री ट्रेन में सवार होने के लिए निर्धारित समय पर पहुंच जाते हैं, लेकिन उन्हें प्लेटफार्म पर ही लंबा इंतजार करना पड़ता है।